पंजाब के सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र में एक दंपती को दरिया में डूब रहे पशुओं को बचाने के लिए दया दिखानी महंगी पड़ गई है। दावा है कि दिन में पति ने जान पर खेलकर दो पशु बचाए तो रात को उसके घर पुलिस पहुंच गई। गर्भवती पत्नी ने थाना कबीरपुर की पुलिस पर बिना कसूर रात से सुबह तक थाने में बिठाए रखने के संगीन आरोप लगाए हैं।
जबकि एसएचओ ने आरोपों को नकारा है। हालांकि थाना प्रभारी व डीएसपी के बयान आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। इस मामले में सुल्तानपुर लोधी पुलिस किरकिरी से बचने के पूरे प्रयास कर रही है। मामले का वीडियो खूब वायरल हो रहा है।
राजविंदर सिंह निवासी गांव गंडी तरनतारन हाल निवासी मेहमतावाल (हैदराबाद बेट) ने बताया कि 18 अगस्त को मंड एरिया के धुस्सी बांध से गुजर रहा था तो वहां पहले से मौजूद एक युवक ने बताया कि दरिया में दो-तीन पशु डूब रहे हैं। इस पर राजविंदर सिंह ने बेजुबान पशुओं के प्रति दया दिखाते हुए उन्हें बचाने की ठान ली। क्योंकि उसे तैरना आता था। इस पर रस्सी का बंदोबस्त कर एक बछड़ा और एक बछड़ी को बचाकर बाहर निकाल लिया। तीसरे पशु को वह नहीं बचा पाया।
उसने बताया कि दो-तीन घंटे बांध पर उसने पशुओं को बांधे रखा, ताकि जिसके पशु हों, वह आकर ले जाए। लेकिन कोई नहीं आया तो वह अपने घर गांव हैदराबाद बेट ले गया। गर्भवती हरप्रीत के अनुसार रात करीब दस बजे कुछ लोग आए और घर में घुसने की कोशिश करने लगे तो उसने अकेले होने के चलते दरवाजा नहीं खोला तो फिर एक महिला आई, जिसे सब सरपंच बोल रहे थे, आई और उससे पशुओं के बारे पूछा तो उसने कहा कि हां, पशु लाए हैं।
सुबह आपको मिल जाएंगे, अभी उसके पति यहां नहीं है। लेकिन वह नहीं मानीं। फिर उस सरपंच महिला ने पुलिस को बुला लिया और महिला पुलिस के सामने उसे जबरन बेवजह बिठाए रखा। उसने आरोप लगाया कि उसके घर आने वाले पुलिस कर्मियों ने भी शराब पी रखी थी।
सुबह पांच बजे उसके पति ने पशु उन लोगों को दे दिए। राजविंदर सिंह ने कहा कि उसकी पत्नी को बिना कसूर गर्भावस्था में थाने ले जाकर बेइज्जत किया गया। जिससे वह काफी आहत है। वह कह रही है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह कर लेगी। यदि उसकी पत्नी ऐसा करती है तो वह भी सुसाइड कर लेगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी थाना कबीरपुर पुलिस की होगी। थाना कबीरपुर के एसएचओ एसआई वरिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस गर्भवती महिला को थाने नहीं लेकर आई। वह सरपंच महिला के साथ आई थी और उसे उसी समय वापस भेज दिया था। गर्भवती महिला के आरोप बेबुनियाद हैं। उसने बताया कि थाने में पशु गायब होने संबंधी शिकायत लेकर लोग आए थे, लेकिन शिकायत नहीं दी और न ही कोई चोरी संबंधी ही कोई शिकायत आई है। जिनके पशु थे, वह उन्हें मिल गए हैं। डीएसपी सुल्तानपुर लोधी बबनदीप सिंह ने कहा कि पुलिस के पास पशु चोरी की शिकायत आई है। शिकायत में राजविंदर सिंह पर पशु खोलकर ले जाने के आरोप लगे हैं। यदि उसने पशु बचाए थे तो पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। मामले में दोनों पक्षों को बुलाया है। गर्भवती महिला को थाने बिठाने संबंधी पूछने पर कहा कि ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। ऐसा कुछ है तो वह इसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे।