हरियाणा के करनाल में विस्फोटक और कारतूसों के साथ बब्बर खालसा इंटरनेशनल के चार आतंकी गुरप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह, परमिदर सिंह, भूपिदर सिंह पकड़े गए थे। इनको टारगेट देने वाले ए श्रेणी के गैंगस्टर हरविंदर सिंह रिंदा की ओर से पिछले कुछ समय से सीमावर्ती क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं से संपर्क बनाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी कड़ी के तहत पाकिस्तान की ओर से तरनतारन के साथ लगने वाली सीमा पर आए दिन ड्रोनों की आमद होती थी। ऐसी जानकारी मिलते ही खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से चौकस हो गई हैं।
आतंकवाद के दौर में प्रभावित रहे तरनतारन क्षेत्र में नशे के बड़े तस्करों और गैंगस्टरों के बीच नेटवर्क कायम करने में भी हरविदर सिंह रिंदा का हाथ माना जाता है। थाना चोहला साहिब के गांव पखोपुरा के रहने वाले हरविदर सिंह रिंदा का भले ही कोई रिश्तेदार अब इन गतिविधियों में शामिल नहीं है, परंतु जाली पासपोर्ट के माध्यम से नेपाल से पाकिस्तान पहुंचने वाले रिंदा ने देश के विभिन्न राज्यों में माहौल खराब करने के लिए आईएसआई से बड़े टारगेट लिए थे। इन्हीं टारगेटों को पूरा करने के लिए रिंदा की पहली पसंद सीमावर्ती क्षेत्र के वे बेरोजगार युवा थे जिनका ब्रेनवाश करके उनको खालिस्तान के नाम पर कुछ करने के लिए तैयार करना था।
जेलों में बैठे आतंकियों से हो सकती है पूछताछ
डीजीपी वीके भावरा के आदेश पर जिला पुलिस द्वारा एक ऐसी सूची तैयार की जा रही है। जिनमें खालिस्तानी समर्थकों के अलावा अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े तस्करों और गैंगस्टरों को पनाह देने वालों का नाम भी शामिल है। गत वर्ष जिला पुलिस द्वारा टिफिन बम, विस्फोटक सामग्री और असलाह समेत पकड़े गए आतंकियों से दोबारा पूछताछ के लिए उनको प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी की जा रही है।