पंजाब के भिखीविंड निवासी सरबजीत सिंह ने लाहौर की कोट लखपत जेल में अपनी जान पर आए गंभीर खतरे के बारे में पहले ही बता दिया था।
कुछ महीने पहले लाहौर से अपने वकील के जरिए बहन दलबीर कौर को भेजे पत्र में उसने लिखा था, ‘जेल में मेरी जान को हर वक्त खतरा है। मुझे शक है कि धीमा जहर देकर या हमला करके पाकिस्तानी मुझे जेल में ही मार देंगे।’
शुक्रवार को लाहौर की सेंट्रल जेल में सरबजीत सिंह पर पांच पाकिस्तानी कैदियों द्वारा ईंट और प्लेट से हमले की सूचना मिलने के बाद उनकी बहन दलबीर कौर का रो-रोकर बुरा हाल है।
जालंधर से उन्होंने देर शाम फोन पर ’अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि सरबजीत पर हमले की खबर उन्हें पाकिस्तान के एक रिपोर्टर ने दी। पाक सरकार ने दोपहर में हुई घटना की जानकारी परिवार को देना मुनासिब नहीं समझा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने भाई की ओर से आए खत को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और दूसरे मंत्रियों तक पहुंचाया था, लेकिन सरबजीत की सुरक्षा का इंतजाम नहीं हो सका।
हर दर पर भटकी, कहीं से मदद नहीं मिली
सरबजीत पर हमले के बारे में दलबीर ने कहा, ‘जब 15 जनवरी को लाहौर की कोट लखपत जेल में वहीं के अफसरों ने एक कैदी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी, तभी मैंने दिल्ली जाकर केंद्र के कई मंत्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और हर संगठन से मदद मांगी। लेकिन आश्वासन ही मिले और मेरे भाई की जान पर बन आई।’
दलबीर कौर के आंसू नहीं रुक रहे थे तो सरबजीत की बेटी स्वप्नदीप कौर लगातार फोन और मोबाइल के जरिए अपने पिता की सेहत के बारे में पता करने की कोशिश कर रही थीं।
निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट से लेकर तमाम सामाजिक संगठनों के लोग सरबजीत की बहन को दिलासा देने के लिए फोन कर रहे थे। सरबजीत के तरनतारन स्थित गांव भिखीविंड में लोग उनकी पत्नी को दिलासा देने की कोशिश कर रहे थे।
वकील पहुंचे जिन्ना अस्पताल, सर्जरी का दावा
सरबजीत के वकील ओवैश शेख ने शुक्रवार रात ‘अमर उजाला’ का फोन पर बताया कि वह लाहौर के जिन्ना अस्पताल पहुंचे तो उन्हें वहां मौजूद अफसरों ने बताया कि कैदी की हालत बहुत गंभीर है। उसके सिर के एक हिस्से में सर्जरी की जा रही है।
इस बीच, सरबजीत सिंह की बेटी स्वप्नदीप कौर ने बताया कि रात को उनके पापा को होश आने की जानकारी पाक से एक शुभचिंतक ने दी है।