करनाल में विस्फोटक सामग्री संग पकड़े गए अमनदीप सिंह निवासी मक्खू ने अपनी नर्स पत्नी को विदेश भेजने के लिए आतंक की दुनिया में कदम रखा था। वह पहले से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपने भाई गुरप्रीत सिंह का साथ देने लगा था। गुरप्रीत के परिवार ने उसकी आपराधिक गतिविधियों के कारण उसे बेदखल कर दिया था जबकि अमनदीप अपने दादा दादी के पास रहता था।
आतंक की दुनिया में कदम रखने वाले अमनदीप की पत्नी को उसकी आपराधिक गतिविधियों की भनक तक नहीं थी। उसकी पत्नी एक अस्पताल में काम करती है। जबकि अमनदीप पाकिस्तान में बैठे बब्बर खालसा के आतंकियों की ओर से सरहद पर भेजा जा रहा मौत का सामान अपने भाई गुरप्रीत के साथ मिलकर आतंकियों की बताई जगह पर ठिकाने लगा रहा था। ऐसा करने पर उसे मोटी रकम मिलती थी। उल्लेखनीय है कि करनाल पुलिस ने हाल ही में गुरप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह, परमिंदर सिंह वासी मक्खू जिला फिरोजपुर और भूपिंदर सिंह निवासी लुधियाना को विस्फोटक सामग्री और घातक हथियारों के साथ काबू किया है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक मां-बाप की मौत के बाद अमनदीप अपने दादा-दादी के पास मक्खू के गांव विंजो में रहता है। जबकि गुरप्रीत सिंह की आपराधिक हरकतों के कारण उसे परिवार ने बेदखल कर दिया था। चार वर्ष पहले अमनदीप ने एक नर्स से लव मैरिज की थी। अमनदीप खुद टैक्सी चलाता था, लेकिन उसके पास इतना पैसा नहीं था कि वह अपनी पत्नी को विदेश भेजकर खुद भी विदेश सेटल हो सके। इसके लिए वह रुपये जुटाने में लगा था।
विदेश जाने के लिए लाखों रुपये चाहिए थे, इसलिए उसने अपने भाई गुरप्रीत से मिलना जुलना शुरू कर दिया और उसकी आपराधिक गतिविधियों में साथ देने लगा। पैसे भी अच्छे मिलने लगे थे और ऐसा करने से उसकी विदेश जाने की इच्छा भी पूरी होती नजर आ रही थी। पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा की तरफ से भेजी गई विस्फोटक सामग्री व घातक हथियारों की खेप वह अपने भाई गुरप्रीत और उसके साथी परमिंदर सिंह और भूपिंदर सिंह के साथ तेलंगाना सप्लाई देने जा रहे थे कि करनाल में पकड़े गए।
रिंदा ने सीमा के साथ सटे गांवों के कई युवाओं को लालच में फंसाया
खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा ने पंजाब से सटी भारत-पाक सीमा के साथ बसे गांवों के बहुत से नौजवानों को पैसों का लालच देकर अपने जाल में फंसाया है। कौन-कौन उसके साथ जुड़े हैं, यह जानकारी उन्हें भी नहीं है, जिन्हें रिंदा ने अपने साथ जोड़ा है। ये सिर्फ रिंदा ही जानता है। इसलिए विस्फोटक सामग्री व घातक हथियारों के साथ उसका कोई साथी पकड़ा भी जाता है तो भी रिंदा के काम में कोई रुकावट नहीं आती है। यही कारण है कि पुलिस रिंदा के नेटवर्क को ध्वस्त करने में नाकाम साबित हो रही है। रिंदा का काम बेरोकटोक जारी है। हाल में कई पाक ड्रोन फिरोजपुर व तरनतारन की तरफ आसमान पर मंडराते देखे गए हैं। इनसे आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश नजर आ रही है।