पढ़ाई के लिए पंजाब से बाहर जाने वाले हजारों विद्यार्थियों को अब माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने स्टूडेंट्स को बड़ी राहत दी है। अब सिर्फ स्व-घोषणा पत्र देकर ही वे बोर्ड से माइग्रेशन सर्टिफिकेट हासिल कर सकेंगे।
पीएसईबी के नियमों के मुताबिक अगर कोई स्टूडेंट्स दसवीं या बारहवीं क्लास की पढ़ाई करने के दो साल बाद बोर्ड में माइग्रेशन सर्टिफिकेट लेने आता था, तो उसे एफिडेविट बनवा कर देना पड़ता था कि उसने इन दो सालों के दौरान कोई उच्च शिक्षा हासिल नहीं की है।
अब उसे सिर्फ बोर्ड की सिंगल विंडो पर आकर एक फार्म भरना होगा। साथ में स्व-घोषणा पत्र देना होगा कि उसने इन दो वर्षों के दौरान कोई उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं की।
माइग्रेशन सर्टिफिकेट बनवाने के बाद अगर खो जाता था, तो भी विद्यार्थियों को काफी समस्या आती थी।
इसमें भी बोर्ड ने स्टूडेंट्स को राहत दी है। पहले सर्टिफिकेट खो जाने पर डुप्लीकेट कॉपी हासिल करने के लिए फर्स्ट क्लास ड्यूटी मजिस्ट्रेट से अटेस्ट (सत्यापित) करवाकर देना पड़ता था।
बोर्ड ने इस शर्त में भी छूट दी है, अब मजिस्ट्रेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। बल्कि, विद्यार्थी अपने स्कूल के प्रिंसिपल या सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों से अटेस्ट करवा सकेंगे। किसी भी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी अटेस्ट कर सकेंगे।
बोर्ड में भी असिस्टेंट सेक्रेटरी से ऊपर स्तर के अधिकारियों को विद्यार्थियों के एप्लिकेशन फॉर्म अटेस्ट करने का अधिकार दिया गया है।
बड़ी संख्या में विद्यार्थी लेते हैं सर्टिफिकेट
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी माइग्रेशन सर्टिफिकेट लेते हैं।
बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक इनमें वे विद्यार्थी होते हैं, जो उच्च्च शिक्षा के लिए बाहर जाते हैं या फिर जिनके अभिभावकों का तबादला हो जाता है।
2013 में बोर्ड से 6900 विद्यार्थियों ने सर्टिफिकेट लिए। वहीं, 2012 में माइग्रेशन सर्टिफिकेट लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या 6078 थी।