उन्होंने कहा कि बार्डर से सटी 11 पंचायतों में अकालियों का विरोध करने की रणनीति तैयारी की जा रही है। ये गांव हजारा सिंह वाला, भखड़ा, गट्टी राजोके, टिंडी वाला, बारेके, भाने वाला, जल्लोके, बस्ती महताब सिंह वाली, चांदीवाला, कमाले वाला, खुंदर गट्टी, झुग्गे छीने वाले, चूड़ी वाला व कालू वाला है, जिनमें लगभग पंद्रह हजार से ज्यादा आबादी है।
जल्लोके निवासी गुरदेव सिंह ने बताया कि यहां पर लगभग 11 हजार एकड़ जमीन है। इस जमीन पर पहले जंगल होता था। उनके बुजुर्गों ने खून पसीना बहाकर इस जमीन को उपजाऊ बनाया है। चालीस साल से इस जमीन के मालिक बनना चाहते हैं और अकाली दल उन्हें यहां से उजाड़ना चाहता है। ये हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर चूड़ीवाला से बूटा सिंह, चांदी वाला से बगीचा सिंह, गट्टी राजोके से कर्मजीत सिंह के अलावा गांव के गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।