पूर्व विधायक जत्थेदार रंजीत सिंह तलवंडी का फाइल फोटो।
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रायकोट के पूर्व अकाली विधायक और मरहूम लोह पुरुष जत्थेदार जगदेव तलवंडी के बड़े बेटे जत्थेदार रंजीत सिंह तलवंडी की मंगलवार शाम चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में मौत हो गई। वो 67 वर्ष के थे। रंजीत सिंह तलवंडी का गंभीर शारीरिक बीमारी के चलते पिछले महीने से पीजीआई में इलाज चल रहा था। जहां मंगलवार शाम 5 बजे के करीब उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव तलवंडी राय (रायकोट) में कल दोपहर 3 बजे किया जाएगा। रंजीत सिंह तलवंडी वर्ष 2002 से 2007 तक रायकोट के विधायक रहे थे। अकाली दल बादल से चुनाव जीते रंजीत सिंह तलवंडी ने कांग्रेस के हरमोहिंदर सिंह प्रधान को हराया था।
हालांकि पिछले समय बादल परिवार से नाराजगी के चलते रंजीत सिंह तलवंडी 2021 में सुखदेव सिंह ढींडसा के अकाली दल संयुक्त में शामिल हो कर पार्टी के महासचिव बन गए। जत्थेदार रंजीत सिंह तलवंडी की मौत से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। तमाम राजनीतिक पार्टियों के नेता और कार्यकर्त्ता तलवंडी परिवार से दुख सांझा करने पहुंचने लगे हैं।
3 जुलाई 1956 को रंजीत सिंह तलवंडी का जन्म माता महिंदर कौर और पिता जगदेव सिंह तलवंडी के घर हुआ था। उनके भाई जत्थेदार जगजीत सिंह तलवंडी रायकोट से एसजीपीसी सदस्य हैं। पिता मरहूम जत्थेदार जगदेव सिंह तलवंडी पंजाब की अकाली राजनीति का धुरा कहे जाते थे और वो एक ही समय एसजीपीसी प्रधान और अकाली दल के प्रधान पद पर रहे।
रंजीत सिंह तलवंडी वर्ष 1997 से 2002 तक पीएसआईइसी के चेयरमैन भी रहे थे। उनके बेटे जगतेश्वर सिंह की वर्ष 2015 में एक कार हादसे के दौरान मौत हो गई थी। उनकी बहन हरजीत कौर तलवंडी अकाली दल संयुक्त महिला विंग की प्रधान हैं। उनकी मां मोहिंदर कौर भी कैबिनेट रैंक पर रही थी। जत्थेदार रंजीत सिंह तलवंड़ी अपने पीछे पत्नी सरताज कौर और एक बेटी छोड़ गये हैं।