होशियारपुर के लाचोवाल टोल प्लाजा को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बंद कराया। बाकी 18 टोल प्लाजा पर अपनी मांगों को लेकर किसान मजदूर संघर्ष समिति के सदस्य धरने लगाकर बैठ गए हैं। समिति ने 15 जनवरी तक दिन-रात धरने देने का एलान किया। कुछ जगहों पर टोल प्लाजा कर्मी व किसानों के बीच संघर्ष की भी खबर है। इस दौरान पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया।
लाचोवाल टोल प्लाजा बंद कराने के बाद मुख्यमंत्री मान ने एक प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने बताया कि होशियारपुर-टांडा सड़क पर लाचोवाल टोल प्लाजा की अवधि समय-सीमा 14 दिसंबर, 2022 को खत्म हो गई थी। टोल प्लाजा के अधीन 27.90 किमी की सड़क थी लेकिन कंपनी ने इस सड़क का रखरखाव नहीं किया। नियमों का उल्लंघन करने और समझौते में लिखित सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के आरोप में टोल कंपनी पीडी अग्रवाल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
सरकार की ओर से 7.76 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क के रखरखाव के नाम पर कंपनी ने 105 करोड़ की कमाई की। सीएम ने कहा, समझौता पूरा होने के बावजूद कंपनी सरकार से 502 दिन का एक्सटेंशन मांग रही थी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में ऐसे और टोल प्लाजा बंद किए जाएंगे, जिनकी अवधि खत्म हो गई है। राज्य सरकार ऐसे डिफाल्टरों की सूची तैयार कर रही है।
टोल कंपनी का दावा- सरकार ने किया नियमों का उल्लंघन
कंपनी पीडी अग्रवाल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की प्रबंध निदेशक महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार नुकसान के लिए कंपनी को 15 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए कह रही है लेकिन वास्तव में सरकार पर 12 करोड़ रुपये का बकाया है। लॉकडाउन और किसानों के आंदोलन से जो नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई के लिए सरकार को 522 दिन का विस्तार दिया जाना चाहिए।