फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भगवंत मान से जुड़ी तीन दर्दनाक घटनाएं: सात साल की उम्र में छोटे भाई को खोया, नए सफर पर निकले तो सिर से पिता का साया उठ गया

Thu, 17 Mar 2022 05:19 PM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पंजाब में आम आदमी पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद भगवंत मान ने बुधवार को सूबे के नए मुखिया की जिम्मेदारी संभाल ली। भगवंत मान पंजाब के 25वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले चुके हैं। 
विज्ञापन
भगवंत मान सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कभी दूसरों को हंसाने और गुदगुदाने वाले भगवंत मान अब पंजाब के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। भगवंत ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह हमेशा लोगों की चेहरे पर खुशी देखना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने कॉमेडी का रास्ता चुना। 
विज्ञापन


अपनी कॉमेडी से दूसरों को हंसाने वाले भगवंत की जिंदगी से कई दर्दनाक घटनाएं जुड़ी हैं। जिसके बारे में कम ही लोगों को पता है। तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भगवंत ने संघर्ष किया और खुद को हर क्षेत्र में साबित किया। कॉमेडी के बादशाह बने और अब राजनीति के शहंशाह बन चुके हैं। आइए उनके जीवन से जुड़ी उन तीन कहानियों को जानते हैं, जिसे भगवंत कभी याद नहीं करना चाहेंगे...

1. सात साल की उम्र में छोटे भाई को खो दिया

भगवंत मान सिंह - फोटो : अमर उजाला
भगवंत के पिता मोहिंदर सिंह एक स्कूल में विज्ञान के शिक्षक थे। मां का नाम हरपाल कौर है। भगवंत की एक बहन हैं, जिनका नाम मनप्रीत कौर हैं। वह पंजाबी शिक्षिका हैं।  विक्की बायो की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भगवंत जब सात साल के थे तब उनके पांच साल के छोटे भाई की मौत हो गई थी। इतनी कम उम्र में उनके भाई को पेट का कैंसर हो गया था। ये समय भगवंत और उनके परिवार के लिए सबसे बुरा था। 

2. नए सफर के लिए निकले तो पिता का साया उठ गया

भगवंत मान सिंह - फोटो : अमर उजाला
बात 2011 की है। एक्टिंग और कॉमेडी के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके भगवंत मान ने राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। वह मनप्रीत सिंह बादल की पंजाब पीपल्स पार्टी से जुड़े थे। 

मनप्रीत बादल पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के भतीजे हैं। परिवार में जब राजनीतिक विरासत को लेकर विवाद हुआ तो मनप्रीत ने मार्च 2011 में अपनी पार्टी बना ली। उसी वक्त भगवंत इस पार्टी में शामिल हुए। नए सफर पर चलने से पहले ही भगवंत को बड़ा झटका लगा, जब उनके पिता का निधन हो गया। फिर भी भगवंत ने खुद को संभाला। साल 2012 में वह लहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। 
विज्ञापन

3. सांसद बने तो पत्नी ने छोड़ दिया साथ

भगवंत मान सिंह और उनकी फैमिली - फोटो : अमर उजाला
2012 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद भगवंत मान आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ गए। 2014 लोकसभा चुनाव में आप ने उन्हें संगरूर से टिकट दिया और वह जीत भी गए। तब भगवंत की जीत के लिए उनकी पत्नी इंदरप्रीत कौर ने भी खूब मेहनत की थी। नतीजा निकला तो भगवंत जीत भी गए। हालांकि, एक साल बाद ही दोनों का तलाक हो गया। 

एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में भगवंत मान ने पत्नी से तलाक का कारण बताया था। उन्होंने बताया था कि जब तक वह कॉमेडियन थे, तब तक परिवार को खूब समय देते थे। 2014 में लोकसभा चुनाव लड़कर जीते। इसके बाद से वह पत्नी और बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पाते थे। जनता के बीच उनका ज्यादा वक्त गुजरता था। यही कारण है कि 2015 में उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। अब पत्नी और बच्चे अमेरिका में रहते हैं। वह अकेले ही दिल्ली और अपने पंजाब स्थित घर में रहते हैं। मान कहते हैं, अब मेरे पंजाब के लोग ही मेरा परिवार हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें