पंजाब विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा का लंबित मानसून सत्र तुरंत बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों, छात्रों और सरकारी कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दे हैं जिन्हें जल्द से जल्द तय किया जाना चाहिए और इसकी चर्चा सदन के बाहर नहीं हो सकती। नव नियु्क्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को किसानों के लिए अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल सदन बुलाने का काम करना चाहिए।
आम आदमी पार्टी नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब का भारी समय कांग्रेस की आंतरिक राजनीति की भेंट चढ़ गया है। अब इसकी भरपाई करने के लिए जल्द से जल्द लंबित विधानसभा का सत्र बुलाया जाना चाहिए। चीमा ने कहा कि किसानों का मुद्दा पूरे पंजाब के लिए सबसे महत्वपूर्ण है और पूरा प्रदेश यह जानना चाहता है कि नए मुख्यमंत्री कृषि कानूनों पर कैसी राय रखते हैं, और वे इनके असर से किसानों को बचाने के लिए क्या काम करना चाहते हैं।
इसके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह ने विपक्ष को आश्वासन दिया था कि कुछ दिनों में सत्र फिर से बुलाया जाएगा जिसमें सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। लेकिन 20 दिन से अधिक दिन गुजर जाने के बाद भी सत्र नहीं बुलाया गया है।
हरपाल सिंह चीमा ने मांग की है कि पंजाब के लोगों को महंगी बिजली और बिजली माफिया से बचाने के लिए पिछली बादल सरकार द्वारा निजी बिजली कंपनियों के साथ हुए बिजली खरीद समझौते (पीपीए) को इस सत्र के दौरान रद्द किया जाना चाहिए।