एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी।
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डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा पंजाब के सुनाम में केंद्र खोलने की घोषणा पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष, एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सरकार से उनकी गतिविधियों को तुरंत रोकने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा कि रहीम धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहे हैं।
‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए जिम्मेदार लोगों को पंजाब में डेरे नहीं बनाने देंगे’
डेरा सच्चा सौदा सिरसा के सेवादारों की ओर से सुनाम में नया डेरा बनाने की आ रही बातों के बीच शनिवार को ब्लॉक बुढलाडा के गांव बच्छोआना पहुंचे वारिस पंजाब जत्थेबंदी के मुखी अमृतपाल सिंह ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेदअबी के लिए जिम्मेदार कसी भी व्यक्ति को पंजाब में ऐसे डेरे या किसी तरह का बड़ा समागम नहीं करने दिया जाएगा।
जो व्यक्ति श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए सीधे रूप से जिम्मेदार है, जिसने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का बाणा पहनकर पवित्र अमृत की नकल की है, ऐसे व्यक्ति को ऐसे कार्यक्रम नहीं करने देंगे। अमृतपाल ने पंजाब खासकर मालवा के नौजवानों से अपील की कि वह 30 अक्तूबर को श्री दरबार साहिब में अमृत संचार समागम में पहुंचकर गुरु वाले बनें और सिखी की सेवा करें।
सिख धर्म को कमजोर करने के लिए हुकूमतें डेरावाद को उत्साहित कर रही हैं। जिनके खिलाफ पंथक एकता की जरूरत है। डेरा सच्चा सौदा की ओर से पंजाब के मालवा क्षेत्र के सुनाम में प्रमुख डेरा खोलने का कड़ा विरोध करते हुए अमृतपाल ने एलान किया कि सिख डेरा नहीं बनने देंगे। डेरावाद को बढ़ावा देना सीधे रूप में सिख धर्म को कमजोर करना है।
पंजाब में पंथक एकता मुद्दों के आधार पर हो सकती है। पंजाब से डेरावाद को खत्म करने के लिए आगे आएं। इसकी शुरुआत मालवा में बनने वाले डेरे का विरोध करके करें। उसने एलान किया कि धर्म परिवर्तन की जो लहर चल रही है, वह भी सिख धर्म को गुलामी की ओर धकेल रही है। जिसका विरोध करना समय की जरूरत है।
इस मौके पर बड़ी संख्या में नौजवान अमृतपाल सिंह के साथ फोटो खिंचवा रहे थे। अमृतपाल ने पंथ हितैषी जत्थेबंदियों से अपील की कि ऐसे अडंबरवाद के खिलाफ आवाज उठाएं और ऐसे कारनामों का विरोध करें। अमृतपाल सिंह के मिशन पर पूछे स्वाल पर कहा कि पंजाब के नौजवानों को नशे से हटाकर गुरु के चरणों लगाना ही मुख्य मनोरथ है।