2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित तीनों घटनाओं में चार्जशीट किए जा चुके डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इन घटनाओं की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने बेअदबी और विवादित पोस्टर लगाने की घटनाओं में जेएमआईसी फरीदकोट की अदालत से डेरा प्रमुख के प्रोडक्शन वारंट जारी करवाए हैं।
अदालत ने रोहतक की सुनारिया जेल के अधीक्षक को इन दोनों मामलों में डेरा प्रमुख को 4 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश करने की हिदायतें दी हैं। कुछ दिन पहले ही एसआईटी ने इन दोनों घटनाओं में डेरा प्रमुख के खिलाफ अदालत में पूरक चालान पेश कर दिया था। बेअदबी मामले से जुड़ी पावन स्वरूप चोरी किए जाने की घटना में डेरा प्रमुख पहले से ही चार्जशीट है।
बरगाड़ी बेअदबी मामले में कुल तीन घटनाएं सामने आई थी जिसमें सबसे पहले एक जून 2015 को बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से पावन स्वरूप चोरी किया गया था और बाद में 24 सितंबर 2015 को इसी गुरुद्वारा साहिब के बाहर विवादित पोस्टर लगाकर बेअदबी करने की धमकी दी गई थी। इसके कुछ समय बाद 12 अक्तूबर 2015 को बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के बाहर पावन स्वरूप की बेअदबी की गई। इन घटनाओं में पंजाब पुलिस की एसआईटी ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायी गिरफ्तार किए थे और सबसे पहले पावन स्वरूप चोरी केस (एफआईआर नंबर 63) में डेरा प्रमुख सहित डेरा की राष्ट्रीय कमेटी के तीन सदस्य भी नामजद किया गया।
इसी केस में पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर एसआईटी ने सुनारिया जेल में जाकर डेरा प्रमुख से पूछताछ की थी जिसके आधार पर एसआईटी ने डेरा प्रमुख को बाकी दो घटनाओं विवादित पोस्टर केस (एफआईआर नंबर 117) और बरगाड़ी बेअदबी (एफआईआर नंबर 128) में भी नामजद करते हुए उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस पर 4 मई को सुनवाई तय है और डेरा प्रमुख की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हाजिरी यकीनी बनाने के लिए एसआईटी ने डेरा प्रमुख के प्रोडक्शन वारंट जारी करवाए है।