प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को नई दिल्ली में पंजाब में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के प्रोजेक्टों की समीक्षा करेंगे। पीएम के एनएचएआई प्रोजेक्टों को लेकर बैठक से पहले पंजाब सरकार हरकत में आई गई है।
पंजाब के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने डीजीपी गौरव यादव को एक बार फिर पत्र लिखकर जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया एनएचएआई अफसरों और किसानों के बीच तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस सुरक्षा बल की मौजूदगी में एरिया के डीएम और एसडीएम की निगरानी में संपन्न कराने का आदेश दिए हैं। पंजाब के अलग-अलग हिस्सों विशेषकर जालंधर, लुधियाना और अन्य जगहों पर जहां से एक्सप्रेस वे का प्रोजेक्ट आ रहा है, वहां की जमीन एक्वायर करते समय किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह पर किसान संगठनों ने जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया को मुश्किल बना दिया है।
दरअसल किसान अपनी जमीन के बदले उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं, उनका कहना है कि सीएम भगवंत मान ने किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए आश्वासन भी दिया था कि वह एनएचएआई के अफसरों के साथ उनकी बैठक करवाकर उचित मुआवजे के मुद्दे की मांग को उठाएंगे, लेकिन किसानों को उचित मुआवजा अब तक नहीं मिला है।
हर हालत में जमीन एक्वायर करने के आदेश
मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखकर पीएम नरेंद्र मोदी की बुधवार को प्रगति बैठक से पहले दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे के दो स्ट्रेच जहां से यह एक्सप्रेस वे गुजरना है, वहां की जमीन एक्वायर कराने के लिए पुलिस बल की तैनाती के लिए कहा है। यह दोनों मुख्य स्ट्रेच एक 1.34 किलोमीटर का मालेरकोटला में और दूसरा 1.25 किलोमीटर का कपूरथला में पड़ता है। यहां एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए किसानों की जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया में उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण भारी विरोध देखने को मिल रहा है। इस पर मुख्य सचिव ने डीजीपी को यहां एसएसपी मालेरकोटला और कपूरथला की भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सरकारी प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए कहा है, ताकि यह रिपोर्ट 28 अगस्त की सुबह पीएम की बैठक में पेश की जा सके।
फोर लेन प्रोजेक्ट है दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस-वे फोर लेन प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट का निर्माण 18 हिस्सों में किया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि इन 18 में से 11 हिस्से अकेले पंजाब में पड़ते हैं। बड़ा प्रोजेक्ट होने के नाते पीएम की अध्यक्षता में प्रगति बैठक में रिव्यू करने के लिए यह प्रोजेक्ट एजेंडा में सबसे ऊपर रखा गया है। इससे पहले केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर चेतावनी देते हुए सभी प्रोजेक्ट रोकने के लिए कहा था। दरअसल बीते दिनों एनएचएआई अफसरों के साथ पंजाब में मारपीट के मामले सामने आए थे, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने एनएचएआई अफसरों की शिकायत पर यह पत्र लिखा था।