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Phagwara Mayor Election: मेयर चुनाव से पहले तीन महिला कांग्रेसी पार्षदों के पतियों के खिलाफ केस दर्ज

Sat, 25 Jan 2025 09:30 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फगवाड़ा (पंजाब)

सार

फगवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस 22 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। एक आजाद पार्षद कांग्रेस में शामिल हो चुका है। वहीं बसपा के तीन पार्षद और विधायक का मत भी कांग्रेस के साथ है। ऐसे में कांग्रेस मेयर की कुर्सी पर कब्जा जमाने को तैयार है।
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फगवाड़ा नगर निगम चुनाव - फोटो : संवाद
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विस्तार
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फगवाड़ा में नगर निगम चुनाव के बाद मेयर के चुनाव के लिए प्रशासन की ओर से आज शाम 4 बजे सरकारी ऑडिटोरियम में बैठक रखी गई है। इस बैठक से ठीक पहले वार्ड नंबर 15 से कांग्रेसी पार्षद परमजीत कौर वालिया के पति गुरजीत पाल वालिया, वार्ड नंबर सात से कांग्रेसी पार्षद पिंकी भाटिया के पति मुकेश कुमार भाटिया और वार्ड संख्या पांच की कांग्रेसी पार्षद दीप माला के पति धीरज घई पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। 
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बताया जा रहा है कि यह एफआईआर गुरजीत पाल वालिया के खिलाफ बिना लाइसेंस के आईलैटस सेंटर चलाने और मुकेश भाटिया के खिलाफ विदेश भेजने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने और धीरज घई पर कबाड़ की दुकान की आड़ में चोरी का सामान खरीदने के आरोप में दर्ज की गई हैं। 

कांग्रेस को मिली थी सबसे अधिक सीटें

गौरतलब है कि फगवाड़ा नगर निगम के मेयर पद के पद पर कांग्रेस का कब्जा तय माना जा रहा था क्योंकि 50 सीटों वाले फगवाड़ा नगर निगम में कांग्रेस 22 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी और एक आजाद पार्षद के भी कांग्रेस में शामिल होने के बाद उनकी संख्या 23 हो गई थी। कांग्रेस ने यह चुनाव बसपा के साथ गठबंधन में लड़ा था तो बसपा की भी तीन सीटें मिला कर कांग्रेस बहुमत के लिए 26 सीटों का आंकड़ा आसानी से छू रही थी। वहीं विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल की भी एक सीट कांग्रेस के खाते में ही जुड़ने से यह आंकड़ा 27 तक पहुंच रहा था जिससे कांग्रेस को अपना मेयर बनाने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं दिखाई दे रही थी। 

जोड़तोड़ में जुटी है आप

वहीं केवल 12 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली सत्तारूढ़ पार्टी आप भी तरह अपना मेयर बनाना चाहती थी। वह इसके लिए पिछले एक महीने से जोड़ तोड़ में जुटी हुई थी लेकिन कामयाब नहीं हो पाई थी। कांग्रेसी पार्षदों पर दबाव बनता देख हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने सभी पार्षदों को हिमाचल प्रदेश के किसी गुप्त इलाके में भेज दिया था ताकि आप उन पर कोई दबाव ना बना पाए। लेकिन इसके बावजूद आज पुलिस द्वारा तीन महिला कांग्रेसी पार्षदों के पतियों पर केस दर्ज कर दिया गया है और इसे आप की दबाव की राजनीति के रूप में ही देखा जा रहा है।
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