पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में जुटेंगी महिलाएं, उधर रेल रोको आंदोलन के लिए भी तैयारियां जोरों पर
महिलाओं ने कहा-फसलों को रब आसरे छोड़कर बॉर्डर पर अपने घर के पुरुषों का साथ देने पहुंची हैं
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। किसानी आंदोलन 2.0 वीरवार को 24वें दिन में दाखिल हो गया। इसके तहत शुक्रवार को शंभू व खन्नौरी बाॅर्डरों पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा। इसके लिए बॉर्डरों पर भारी संख्या में महिलाएं जुटेंगी। जानकारी के मुताबिक पंजाब के विभिन्न इलाकों से महिलाओं के जत्थे बाॅर्डरों के लिए रवाना हो चुके हैं, जो शुक्रवार सुबह तक यहां पहुंच जाएंगे। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रमों में किसानी आंदोलन 2.0 में महिलाओं की क्या भूमिका रहेगी, इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और भारतीय किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के समर्थन में देश के अलग-अलग हिस्सों में किसान अपने स्तरों पर भी महिला दिवस मनाएंगे।
उधर, वीरवार को शंभू बाॅर्डर पर किसानों में उत्साह देखा गया। किसानों का रुख साफ है कि आगुओं के कहे मुताबिक फिलहाल बाॅर्डरों पर डटा जाएगा। जैसे ही कोई अगला कार्यक्रम तय किया जाएगा, उसके मुताबिक कदम उठाया जाएगा। वीरवार को भी शंभू बाॅर्डर पर माहौल शांतिपूर्ण बना रहा। उधर, हरियाणा की तरफ अभी भी बैरिकेडिंग करके सख्त सुरक्षा प्रबंध किए हुए हैं। हरियाणा पुलिस प्रशासन की तरफ से लगातार किसानों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
इस मौके पर शंभू बाॅर्डर पर अमृतसर से पहुंची महिला परमजीत कौर ने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से बाॅर्डर पर जत्थे के साथ पहुंची हुई हैं। वैसे तो इस आंदोलन में शुरुआत से ही महिलाएं लंगर बनाने से लेकर बाॅर्डर पर नारेबाजी व धरने देने तक में पूरी सक्रियता से भाग ले रही हैं, लेकिन महिला दिवस के मौके पर होने वाले खास कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह है। तेजिंदर कौर ने कहा कि घर के पुरुष 13 फरवरी से किसानी आंदोलन के चलते बाॅर्डरों पर डटे हैं। उनके पीछे फसलों का जिम्मा महिलाएं उठा रही थीं, लेकिन 21 फरवरी को जब बाॅर्डरों पर हालात बिग़ड़े तो वह फसलों को रब आसरे छोड़कर यहां पहुंची हैं, ताकि कंधे से कंधा छोड़कर किसानों का साथ दे सकें। मनजिंदर कौर ने कहा कि महिला दिवस कार्यक्रम को लेकर जोश है, लेकिन महिलाएं शुरू से ही शंभू बाॅर्डर पर चल रहे आंदोलन में बड़ी संख्या में शिरकत कर रही हैं।
उधर, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर का कहना है कि 10 मार्च के रेल रोको आंदोलन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। पंजाब के सभी जिलों में यह आंदोलन होगा। हरियाणा की सभी खाप पंचायतों ने भी उन्हें समर्थन दे दिया है। इससे साफ है कि यह केवल पंजाब का नहीं, पूरे देश के किसानों का आंदोलन है।