सेंट्रल जेल के एक हवालाती की मौत पर मंगलवार सुबह उसके परिजनों ने राजिंदरा अस्पताल की मोर्चरी के बाहर हंगामा कर दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मालेरकोटला पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के केस में उनके लड़के को काफी टार्चर किया। इसके कारण उसकी मौत हुई है।
सेंट्रल जेल के एडिशनल सुपरिंटेंडेंट राजन कपूर ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के केस में मालेरकोटला सिटी टू पुलिस की ओर से पकड़े गए मुनीश (32) पुत्र तरसेम को इलाज के लिए 2 नवंबर को पटियाला की सेंट्रल जेल भेजा गया था।
जब उसकी हालत में सुधार न हुआ, तो चार नवंबर को उसे राजिंदरा अस्पताल दाखिल कराया गया। जहां वह आईसीयू में भर्ती था। राजन कपूर ने बताया कि हवालाती नशों की बुरी लत का आदि था। 11 नवंबर को रात के समय हवालाती की राजिंदरा में उपचार के दौरान मौत हो गई। आज उसके परिजनों ने राजिंदरा की मोर्चरी के बाहर नारेबाजी की।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मालेरकोटला पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के जिस केस में उनके लड़के समेत एक और नौजवान को पकड़ा था, उसमें उसे टार्चर किया गया। जबकि मुख्य आरोपी दूसरा लड़का था।
टार्चर की वजह से उनके लड़के की हालत खराब हो गई और राजिंदरा में इलाज दौरान उसकी मौत हो गई। उधर, सेंट्रल जेल के एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि इस मामले की जुडीशियल इनकवायरी कराई जा रही है। डाक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम कर दिया है, रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।