पटियाला। केंद्र सरकार लारेबाज है। किसान जल्दबाजी में आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। जब तक लिखित में कृषि कानून कानून रद्द नहीं होंगे और साथ ही एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं मिलेगी, तब तक दिल्ली के बार्डरों व टोल प्लाजाओं पर धरने जारी रहेंगे। एक-दो दिन में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बैठक कर आगे के संघर्ष की रूप रेखा तैयार कर ली जाएगी।
क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता अवतार सिंह कौरजीवाला ने कहा कि अभी खुशी अधूरी है। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के जिला प्रधान मनजीत सिंह न्याल ने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी से कम किसानों को कुछ मंजूर नहीं है। क्योंकि अगर यह नहीं मिलती है, तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। इसलिए आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।
भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के किसान नेता टहल सिंह ककेपुर ने कहा कि किसानों की साल भर की मेहनत व तपस्या का गुरुपर्व के पावन पर्व पर उन्हें फल मिला है। उन्होंने मोदी सरकार के फैसले का स्वागत किया। लेकिन साथ ही उन्होंने साफ किया कि अभी आंदोलन जारी रहेगा।