पंजाब एंड यूटी मुलाजिम संघर्ष के बैनर तले रविवार को मालवा जोन के हजारों मुलाजिमों ने अपनी मांगों को लेकर वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा की कोठी का घेराव किया। साथ ही प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी भड़ास निकाली।
इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने डीसी दफ्तर के सामने ललकार रैली की और रोष मार्च करते हुए वित्त मंत्री की कोठी के सामने पहुंचे। यहां पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इस पर प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क पर धरना लगाकर बैठ गए।
धरने के दौरान संघर्ष कमेटी के कनवीनर सज्जन सिंह, रणबीर ढिल्लों, वेद प्रकाश, सुखदेव सिंह, भुपिंदर सिंह और सुखदेव सिंह ने कहा कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी नोटिफि केशन जारी नहीं किया गया। इससे मुलाजिमों में भारी रोष पाया जा रहा है।
उन्होंने मांग की कि एक जनवरी 2016 से 125 फीसदी महंगाई भत्ता और पचास फीसदी अंतरिम रिलीफ बेसिक वेतन में मर्ज करके आरजी वेतन लागू कराया जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार ठेके पर कार्यरत मुलाजिमों की सेवाएं रेगुलर करने से टालमटोल कर रही है।
आशा वर्करों, मिड-डे मील मुलाजिमों और आंगनबाड़ी स्टाफ की मांगों को स्वीकार करने के बाद भी लागू नहीं किया जा रहा है। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि मांगेें जल्द पूरी न की गई तो संघर्ष तेज कर दिया जाएगा।