मालेरकोटला के गांव कस्बा भराल में दया सिंह लाहौरिया अपनी की अर्थी को कंधा देते हुए।
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देश में विभिन्न बम ब्लास्ट, बैंक लूट और राजस्थान से तत्कालीन केंद्रीय मंत्री राम निवास मिर्धा के बेटे को अगवा करने के संगीन मामलों में नामजद कुख्यात आतंकी दया सिंह लाहौरिया को बुधवार दोपहर मालेरकोटला के गांव कस्बा भराल लाया गया।
तिहाड़ जेल दिल्ली से लेकर पहुंची पुलिस लाहौरिया को उसकी 105 वर्षीय माता इशर कौर के अंतिम संस्कार में शामिल करने लाई थी। इस दौरान लाहौरिया की पत्नी कमलजीत कौर ने कहा कि यह काफी अफसोसजनक है कि उनके पति की उम्रकैद की सजा पूरी होने के बावजूद उन्हें जेल से रिहा नहीं किया जा रहा है और न ही पंजाब शिफ्ट किया जा रहा है। इस दौरान एसजीपीसी की ओर से पहुंचे अंतरिंग कमेटी सदस्य करनैल सिंह पंजौली ने माता इशर कौर पर चादर चढ़ाई ।
गौरतलब है कि आतंकी दविंदर पाल सिंह भुल्लर को जेल से रिहा कराने के लिए दया सिंह लाहौरिया ने राजस्थान से तत्कालीन केंद्रीय मंत्री राम निवास मिर्धा के बेटे राजिंदर मिर्धा को 17 फरवरी 1995 को जयपुर से अगवा कर लिया था। इस मामले में 3 अगस्त, 1995 को लाहौरिया विदेश से गिरफ्तार किया गया था।