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पंजाब विधानसभा के स्पीकर बोले- शिरोमणि कमेटी के चुनाव तुरंत कराए जाएं, एसजीपीसी का प्रबंधन गुरु ग्रंथ साहिब का हुक्म मानने वालों के हाथ हो

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पटियाला के भादसों में आयोजित समागम में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को सम्मानित ? - फोटो : PATIALA
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पटियाला। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एक गौरवमयी संस्था है, लेकिन पिछले समय के दौरान इसके काम में बड़ी कमियां सामने आई हैं। इसलिए इस संस्था का प्रबंधन ऐसे गुरसिखों के हाथ होना चाहिए, जो किसी शख्स का हुक्म न मानकर बल्कि केवल व केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब का हुक्म ही मानें। वह रविवार को पटियाला के गांव भादसों में श्री विश्वकर्मा मंदिर में कराए सम्मान समारोह में बतौर मुख्य मेहमान पहुंचे थे। इस मौके स्पीकर संधवां के अलावा अमृतसर पूर्व की विधायक डा. जीवन जोत कौर, खन्ना से तरनप्रीत सिंह सौंध, बटाला से अमनशेर सिंह शैरी कलसी और नाभा के विधायक गुरदेव सिंह देव मान को सम्मानित किया गया।
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इस मौके मीडिया से बात करते हुए संधवां ने एसजीपीसी के चुनाव तुरंत कराने की वकालत करते कहा कि पंजाब की राजसत्ता में तबदीली हो गई है और अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में भी बदलाव जरूरी है। आगे कहा कि एसजीपीसी की बड़ी सेवा गुरु घरों का प्रबंध सही ढंग के साथ करना है, लेकिन पिछले समय में यह प्रबंध कमजोर पड़ा है। इसका प्रमाण इससे मिलता है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों की चोरी हुई और गुरुद्वारों की जायदादों के ट्रस्ट बनाकर निजी हाथों में दे दिया गए। साथ ही शिरोमणि कमेटी की ओर से किताब छपवा कर गुरु साहिबान के जीवन के बारे कुफर तौला गया। यह सब करने वाले लोग कौन हैं और अब उनको बाहर निकालना पड़ेगा।
इसलिए उनकी मांग है कि जल्द से जल्द एसजीपीसी के चुनाव कराए जाएं। इस संबंध में गुरु ग्रंथ साहिब के सिखों को कमर कस लेनी चाहिए। आगे कहा कि पंजाब का बजट आम लोगों का बजट बनाकर विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसके लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की ओर से लोगों की राय ली जा रही है। संधवां ने इस मौके पर ज्ञानी जैल सिंह की ओर से ईमानदारी के साथ की गई सियासत का जिक्र करते कहा कि वह मुख्यमंत्री व राष्ट्रपति के ओहदे पर रहे, लेकिन उन्होंने अपनी सफेद चादर पर दाग नहीं लगने दिया। नाभा हारवेस्टर इंडस्ट्री की हब है और पंजाब सरकार नाभा समेत भादसों की कंबाइन इंडस्ट्री के सहयोग से यूनिवर्सिटियों के साथ तालमेल कर नौजवानों को रोजगारोन्मुखी सिखलाई दिलाकर हुनरमंद बनाने के लिए काम करेगी।
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