पंजाबी यूनिवर्सिटी की ओर से केंद्र के सभ्याचारक मंत्रालय के सहयोग से गदर लहर की शताब्दी को समर्पित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का बुधवार को यूनिवर्सिटी के सिनेट हाल में समापन हो गया।
इस मौके पर प्रधानगी करते हुए वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा यूनिवर्सिटी की ओर से आजादी की लहर के हवाले से गदर लहर के इतिहास को दर्शाता 700 पन्नों का एक दस्तावेज तैयार किया गया है।
जो इतिहासकारों व विद्वानों के लिए लाभकारी साबित होगा। साथ ही भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी यूनिवर्सिटी गदर लहर के संबंध में महत्वपूर्ण योगदान डालने में यत्नशील रहेगी।
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के पूर्व प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर प्रिथीपाल सिंह कपूर ने कहा कि गदर लहर किसी न किसी रूप में प्रेरणा का स्रोत रही है।
गदर लहर पंजाबी सभ्याचार का एक भाग है। आगे कहा कि इतिहासकार गदर की मूल परिभाषा को अलग-अलग अर्थों में लेते हैं और यह सेमिनार इस लहर का मूल उद्देश्य पहचानने में मददगार होगा।
इस मौके पर नाटककार आत्मजीत सिंह ने भी गदर लहर के संबंध में अपने विचार सांझे किए। इसके बाद वीसी ने आए मेहमानों को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया।
सेमिनार की कोआर्डिनेटर डा. इंदु बांगा ने कहा कि सेमिनार की गतिविधियों को एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। यूनिवर्सिटी के रजिस्टरार डॉ. एएस चावला ने आए मेहमानों का धन्यवाद किया। इस मौके पर डॉ. दीपक मनमोहन सिंह, डॉ. सतीश कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।