झगड़े ने खूनी रूप धारण कर लिया और आरोपियों ने बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ मिलकर तेजधार हथियारों से इन तीनों पर हमला कर दिया। इस दौरान सरपंच भुपिंदर सिंह के सिर, मुंह व पेट पर 24 से ज्यादा वार किए गए।
बताया जाता है कि भुपिंदर सिंह का एक पैर तो उसके शरीर से ही अलग कर दिया। उसके भाइयों पर भी तेजधार हथियारों से कई वार किए गए।
बाद में आरोपी मौके से फरार हो गए। तुरंत सभी को सरकारी राजिंदरा अस्पताल दाखिल कराया गया। जहां सरपंच भुपिंदर सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। जहां देर रात भूपिंदर सिंह की मौत हो गई। जबकि उसके भाई फिलहाल सरकारी राजिंदरा अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
पहले आरोपियों की सपोर्ट से बना था सरपंच, अब हो गई थी दुश्मनी
पुलिस के मुताबिक भूपिंदर सिंह को सरपंच बनाने में आरोपी कृष्ण कुमार, मनजीत सिंह व उसके साथियों ने काफी सपोर्ट किया था। लेकिन भूपिंदर सिंह के सरपंच बन जाने के बाद धीरे-धीरे उनमें छोटी-मोटी बातों को लेकर दरार पड़ने लगी।
आपसी तकरार बढ़ने के बाद अकसर लड़ाई-झगड़ा रहने लगा। पुलिस के मुताबिक करीब एक महीने पहले भी दोनों गुटों में काफी लड़ाई झगड़ा हुआ था। जब मामला पुलिस तक पहुंचा तो क्रास केस दर्ज किया गया। फिलहाल दोनों गुटों के लोग जमानत पर बाहर थे। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।