पटियाला में गुरुद्वारा परमेश्वर द्वार में शुक्रवार को पहुंचे लीडरों से मिलते बाबा रणजीत सिंह ढडरियां वाले।
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बाबा रणजीत सिंह ढडरियांवाले ने शुक्रवार को यहां पंजाब सरकार को अल्टीमेटम दिया कि अगर जल्द ही लुधियाना हमले के आरोपियों को बेनकाब नहीं किया और मामले को लेकर लापरवाही दिखाई गई तो केवल पंजाब या भारत में ही नहीं, बल्कि अमेरिका, कनाडा समेत और भी बाहरी देशों में जबरदस्त संघर्ष छेड़ा जाएगा। बाबा ढडरियांवाले ने कहा कि हमले के बाद से उन्हें संगतों के देश-विदेश से फोन और संदेश आ रहे हैं कि वह संघर्ष छेड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
फिलहाल उन्होंने संगतों को शांति बनाए रखने के लिए कहा है। अगर जल्द ही सरकार ने हमले के आरोपियों के नामों का खुलासा नहीं किया, तो फिर सब्र का बांध टूट जाएगा और बड़े स्तर पर संघर्ष छेड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
बाबा ढडरियांवाले ने कहा कि उन्होंने पंजाब सरकार व पुलिस प्रशासन को पहले आज तक का समय दिया था कि आरोपियों के नामों का खुलासा किया जाए। इस समय सीमा को बढ़ाते हुए उन्होंने आज एलान किया कि अब वह बाबा भुपिंदर सिंह ढकी साहिब वालों के भोग समागम तक इंतजार करेंगे। बाबा भुपिंदर सिंह का भोग 26 मई को डाला जाएगा। बाबा ढडरियांवाले ने सरकार की ओर से अब तक की गई जांच पर संतोष जताया।
गुरुद्वारा परमेश्वर द्वार में बाबा ढडरियांवाले का हालचाल पूछने व उनसे मिलने के लिए कांग्रेसी लीडर सुनील जाखड़, पूर्व जत्थेदार बलवंत नंदगढ़, पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर सिंह, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी किसान सेल के प्रमुख इंद्रजीत सिंह जीरा समेत कई लीडर पहुंचे। इस मौके पर इन लीडरों ने कहा कि देश में इस समय सिखों और सिख धर्म के प्रचारकों को विशेष तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। अगर इस मामले की जांच सीबीआई को दी गई, तो जांच सही तरीके से नहीं हो सकेगी इसलिए मांग की जाती है कि संत बाबा रणजीत सिंह ढडरियां वाले पर हुए हमले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा जज से कराई जाए।
इंद्रजीत सिंह जीरा ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी मामले को बाबा ढडरियांवाले ने जोर-शोर के साथ उठाया था। उनको लगता है कि उक्त मामले में आवाज उठाने कारण ही साजिश के तहत उन पर हमला कराया गया है। यह हमला बाबा ढडरियां वाले पर नहीं है, बल्कि पूरी सिख कौम पर हमला है और सिख कौम किसी भी तरह से डरने वाली नहीं है।