मालवा क्षेत्र के जाने-माने सरकारी राजिंदरा अस्पताल में कांट्रैक्ट पर काम कर रहा नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ बुधवार को सड़कों पर उतर आया।
इन्होंने अस्पताल के बाहर पटियाला-संगरूर रोड पर जाम लगाकर सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर सरकार से अस्पताल के सारे कांट्रैक्ट स्टाफ को रेगुलर करने की मांग की।
साथ ही सभी कांट्रैक्ट स्टाफ ने आज से पूरा दिन की काम छोड़ो हड़ताल भी शुरू कर दी। दिन भर न तो इन्होंने इमरजेंसी और न ही वार्डों में अपनी सेवाएं दीं। इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
राजिंदरा अस्पताल समेत टीबी अस्पताल, मेडिकल कालेज में कांट्रैक्ट बेस पर काम कर रहीं नर्सें, पैरामेडिकल स्टाफ पिछले कई दिनों से रेगुलर करने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है।
पहले यह स्टाफ केवल सुबह व रात के वक्त आठ बजे से 11 बजे तक तीन घंटे काम नहीं कर रहा था, लेकिन मंगलवार को चंडीगढ़ में हेल्थ सेकेटरी से बैठक बेनतीजा रहने के बाद कांट्रैक्ट नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ आज से पूरा दिन की काम छोड़ो हड़ताल पर चला गया है।
अब ठेके पर काम कर रहीं करीब 480 नर्सें और 1000 के करीब पैरामेडिकल स्टाफ न तो इमरजेंसी और न ही वार्डों में ड्यूटी कर रहा है। जिसके चलते स्टाफ की कमी से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
आंदोलनकारी नर्सों ने आज दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के बाहर पटियाला-संगरूर रोड पर जाम लगाकर सरकार का पुतला फूंका।
कांट्रैक्ट बेसिस नर्सिंग व पैरामेडिकल मुलाजिमों की प्रधान कर्मजीत कौर औलख, संदीप बैंस ने कहा कि राजिंदरा में अब मरीज अनट्रेेंड नर्सों के हाथ में हैं। जबकि अनट्रेंड नर्सों का ट्रेंड नर्सों के अधीन काम करना बनता है। ऐसे में मरीजों को अगर कुछ होता है, तो इसका जिम्मेदार अस्पताल प्रशासन होगा।