मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये की एक व्यापक योजना बनाई है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों और शहरों का विकास कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके हुनर विकास के परिणाम से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री ने उनको नीति आयोग के तहत हुनर विकास संबंधी सब ग्रुप का कनवीनर बनाया है ।
वह रविवार को हलका धूरी में संगत दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बादल ने कहा कि राज्य का पूरा विकास उनकी मुख्य प्राथमिकता है। इस वित्त वर्ष के दौरान शहरों में सड़कें, स्ट्रीट लाइटें, पीने वाले पानी और सीवरेज का मुकम्मल प्रबंध किया जाएगा।
इसी तरह देहाती इलाक ों में साफ पीने का पानी उपलब्ध करवाने, गंदे पानी की निकासी, शौचालय निर्माण और सड़कों की मरम्मत पर ध्यान केन्द्रित किया गया है।
उन्होंने बताया युवाओं को रोजगार के काबिल बनाने के लिए राज्य सरकार ने हुनर विकास की लहर को विकसित किया है। इसके तहत नौजवानों को विभिन्न क्षेत्रों में हुनर उपलब्ध करवाने के लिए बनाए प्रोग्राम के अब तक अच्छे नतीजे निकले हैं।
राज्य सरकार की तरफ से आरंभ किए इस कार्य से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको नीति आयोग के तहत हुनर विकास संबंधी सब ग्रुप का कनवीनर बनाया है, ताकि समूचे देश में हुनर विकास को अंजाम दिया जा सके।
उन्होंने बताया कि जापान जैसे विकसित देशों में 95 प्रतिशत से भी अधिक लोग हुनर विकास के साथ लैस हैं जबकि भारत में यह दर केवल 12 प्रतिशत के करीब है। देश के नौजवानों को रोजगार के बढ़िया अवसर उपलब्ध करवाने के लिए हुनर का विकास करना समय की जरूरत है और यह बेरोजगारी पर काबू पाने की एक कारगर विधि है।
बादल ने कहा कि उनका लक्ष्य पंजाब को सभी तरह के नशों से मुक्त करवाना है। प्रदेश सरकार ने नशों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। साथ ही नशों की दलदल में फंसे नौजवानों को बाहर निकालने के लिए नशा छुड़ाओ केंद्रों की स्थापना की गई है। जिसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं।
केंद्र सरकार ने केंद्रीय टैक्सों में राज्यों के हिस्से को 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर दिया है, जिससे राज्य को काफी राहत मिली है। उनकी सरकार की तरफ से किसी भी तरह की मांग करने पर केंद्र ने उनकी सहायता की है।
इस दौरान उन्होंने हलके के गांव दोहला, बरड़वाल, रुलदू सिंह वाला, धांदरा, रजिंदरापुरी, भसौड़ आदि गांवों में संगत दर्शन दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं।
इस अवसर पर वित मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, विधायक गोबिंद सिंह लोंगोवाल, मुख्य मंत्री के प्रमुख सचिव केजीएस चीमा, एसजीपीसी सदस्य भुपिंदर सिंह, नछतर सिंह जहांगीर मौजूद थे।