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आंगनबाड़ी वर्कर केवल बच्चे संभालेंगी: मेनका

Sun, 31 May 2015 10:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संगरूर
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केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि राज्य सरकारें अब आंगनबाड़ी वर्करों से बच्चों की देखभाल के अलावा दूसरा कोई काम नहीं करवा सकेंगी। मेनका रविवार को भारतीय जनता पार्टी की तरफ से केंद्र सरकार की एक साल की उपलब्धियों को बताने के लिए आयोजित कार्यक्रम में यहां पहुंचीं थीं।
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इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों की भलाई के लिए आंगनबाड़ी वर्करों को स्पेशल सेहत संभाल तकनीकी शिक्षा की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों की सही तरीके से संभाल कर सकें।

उन्होंने कहा कि अभी राज्य सरकारें आंगनबाड़ी वर्करों से दूसरे काम भी ले रही हैं, लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं हो सकेगा क्योंकि आंगनबाड़ी वर्करों का काम बच्चों की संभाल करना है न कि कोई अन्य कार्य करना।
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उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए प्रत्येक जिले में महिला हेल्पलाइन केंद्र खोले जा रहे हैं। पंजाब का पहला हेल्पलाइन केंद्र बठिंडा में खोला जाएगा। इसके अलावा हर राज्य की राजधानी में भी एक-एक हेल्पलाइन केंद्र स्थापित किया जाएगा।

इन हेल्पलाइन केंद्रों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस, डाक्टर, वकील, नर्स और अन्य जरूरी अमला तैनात किया जाएगा। इन हेल्पलाइन केंद्रों को खोलने का मकसद है कि  लड़कियां तथा महिलाएं आजादी से बिना किसी भय के बाहर घूम सकें।

मेनका गांधी ने बताया कि  भारत सरकारजल्द ही खोया-पाया योजना लागू करने जा रही है ताकि देश में हर वर्ष लापता होने वाले बच्चों की तलाश की जा सके। इस बाबत रेलवे बोगियों को चुना गया है, जिसमें पोस्टरों से लापता बच्चों संबंधी जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर दिए होंगे ताकि रेलवे गाड़ियों में घूमते बच्चे अथवा अकेले बच्चों संबंधी पुलिस को जानकारी दी जा सके।

इसके तहत देश के बीस स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है और दो सौ स्टेशनों पर जल्द काम शुरू होगा। देश में हर साल चार लाख से अधिक बच्चे लापता होते हैं, जिनकी तालाश के लिए पहले कोई योजना नहीं थी। लेकिन अब रेलवे बोगियों पर इश्तिहार लगाने के अलावा मोबाइल फोन नंबर, फोटो देकर लापता हुए बच्चे बारे सूचना दी जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि देश में बच्चों की भलाई के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले जा रहे हैं। पहले चरण में दो सौ केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिसपर तीस करोड़ रुपये की लागत आएगी और इन केंद्रों में पंद्रह से अधिक तरह की शिक्षा मुहैया करवाई जाएगी, जिससे प्रत्येक बच्चा आत्मनिर्भर हो सकेगा।
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इस मौके पर राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा, मुख्य संसदीय सचिव प्रकाश चंद गर्ग, भाजपा नेता जतिंदर कालड़ा सहित अन्य मौजूद थे।
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