12 साल बाद पंजाब इस बार मई में अब तक सबसे ठंडा रहा है। मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक साल 2011 से लेकर 2022 तक मई महीने के दौरान पंजाब के प्रमुख शहरों का पारा 43 डिग्री से ऊपर रहा है। इनमें लुधियाना का अधिकतम तापमान 2011 से लेकर 2022 तक 43.1 से लेकर 46.5 डिग्री तक रहा। पटियाला का 42.7 डिग्री से लेकर 46.0 डिग्री तक और अमृतसर का पारा 43.3 डिग्री से लेकर 47.0 डिग्री रहा।
पंजाब में फिलहाल गर्मी से रहेगी राहत, पांच मई से सक्रिय होगा एक नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर मनमोहन सिंह ने कहा कि लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभों के असर से तापमान में 10-12 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। इसी के चलते इस बार का मई पिछले 12 सालों के बाद अब तक सबसे ठंडा रहा है। पंजाब के लोगों को गरमी से आगे भी इसी तरह से राहत रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक पांच मई की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पंजाब के मौसम पर असर डालेगा। इसका प्रभाव आठ मई तक रहेगा। इसलिए विभाग ने छह मई तक के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है।
आठ मई तक रहेगा विक्षोभ का असर, कुछ जगहों पर होगी हल्की से मध्यम बारिश
इस दौरान चार मई से लेकर छह मई तक तेज गरज व चमक के साथ पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश पड़ेगी। बुधवार यानी तीन मई को मौसम ज्यादा खराब रहेगा। पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में बारिश पड़ेगी और तेज गरज के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलेंगी। डायरेक्टर मनमोहन सिंह के मुताबिक अगले दो दिन तक पारे में गिरावट रहेगी, लेकिन इसके बाद कुछ वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
पंजाब में पारा 1.8 डिग्री और तापमान
मंगलवार को पंजाब के कईं हिस्सों में हुई बारिश के चलते तामपान में 1.8 डिग्री की और कमी दर्ज की गई, जो सामान्य से 11.2 डिग्री नीचे रही। सबसे ज्यादा 29.6 डिग्री पारा बठिंडा का रहा। सूबे के अन्य प्रमुख शहरों में अमृतसर का 27.8, पटियाला का 25.8, लुधियाना का 24.8 और जालंधर का 25.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं प्रमुख तौर पर सुबह साढ़े आठ बजे तक बठिंडा में 7.2 एमएम, फतेहगढ़ साहिब में 7.0, होशियारपुर में 1.5 एमएम, रोपड़ में 7.5, शहीद भगत सिंह नगर में 2.5 एमएम बारिश पड़ी। जबकि दिन में पठानकोट में सबसे ज्यादा 19.0 एमएम, बरनाला में 2.5 एमएम बारिश पड़ी। बाकी जगह कम बारिश रही।