नेहरू पार्क में वीरवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य रमन बहल की अध्यक्षता में हल्ला बोल रैली का आयोेजन किया गया।
इसमें
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह विशेष तौर उपस्थित हुए। उनके साथ
प्रदेश भर से कई विधायक थे। सभी प्रताप सिंह बाजवा का विरोध किया और कैप्टन
को लाने की मांग की। इसी वजह से बाजवा और उनके परिवार का कोई सदस्य रैली
में नजर नहीं आया।
वीरवार को रैली में शामिल जिला प्रधान सुखविंजदर
सिंह रंधावा, रमन बहल, रमन भल्ला, अमनदीप मानेपुर, जाट महासभा के लोग,
रुमाल चंद, सुखदेव वडाला, शाम चड्ढा, अमरबीर चाहल, नरेश पुरी, किशन चंद
बैंस, अशोक भुट्टों, सलामत मसीह, बलबीर फतेहपुरिया, हरदीप बेदी, सुशीला
महाजन ने मुख्य संसदीय सचिव व गुरदासपुर के विधायक गुरबचन सिंह बब्बेहाली
का जमकर विरोध किया।
रमन बहल ने कहा कि प्रदेश में धक्केशाही की जा
रही है। विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस में मसीह भाईचारे,
दलित भाईचारे, गन्ना किसानों, राशन कार्ड बनवाने वालों में उम्मीद की किरण
जागी है। उन्होंने कहा कि शिव सेना के सोनी को गोली लगी लेकिन सीएम पता तक
लेने नहीं आए। कहा जा रहा है प्रदेश में बिजली सरप्लस है लेकिन लोगों को
बिजली नहीं मिल पा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने
कहा कि उन्होंने जब एक युवक से पूछा कि उसे नशा कहां से मिलता है तो उसने
जवाब दिया पुलिस से। उन्होंने आरोप लगाया कि थानों में सरेआम नशा बेचा जाता
है। उन्होंने कहा कि संगत दर्शन में बड़ी-बड़ी बातें कही जाती हैं लेकिन
कुछ काम नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन कानून
पास होे चुका है लेकिन केंद्र सरकार पैसा देने में आनाकानी कर रही है।
लोगों का मौजूदा सरकार से विश्वास उठ चुका है। उन्होंने कहा कि सत्ता पर
आने पर नौकरियों का प्रबंध किया जाएगा। टैक्स लगेंगे तो उद्योग लगेंगे
लेकिन अभी पंजाब का खजाना खाली है। कैप्टन ने कहा कि सत्ता आने पर वह पहले
तो पर्चों से कांग्रेसियों का नाम हटाएंगे और परचे करने वाले अकालियों पर
पर्चे करेंगे।