पंजाब में गरमी के तेवर तीखे होते ही बिजली की मांग में एकदम से उछाल आ गया
है। जिसके चलते पावरकॉम ने अपने प्लांटों के बंद पड़े यूनिट फिर से चालू
कर दिए हैं।
पिछले दिनों आंधी के बाद बारिश पड़ने से बिजली की मांग
कम होने के कारण कई यूनिटों को बंद कर दिया गया था, ताकि कोयले की बचत हो
सके। अभी तक दक्षिण अफ्रीका से आर्डर करके मंगाया जा रहा कोयला नहीं पहुंचा
है।
पंजाब में कुछ दिन पहले आंधी के बाद बारिश से पारा गिर गया था। जिससे बिजली की मांग काफी कम हो गई थी।
जहां
बारिश से पहले तक पंजाब में बिजली की मांग 2300 लाख यूनिट छू रही थी, वहीं
बारिश के कारण बिजली की डिमांड में गिरावट दर्ज की गई और यह मात्रा 1650
लाख यूनिट ही रह गई थी। जिसके चलते पावरकॉम ने अपने प्लांटों के सात यूनिट
बंद कर दिए थे। इनमें से रोपड़ के तीन, लहरा मोहब्बत के दो और बठिंडा के दो
यूनिट बंद करा दिए गए थे। ताकि कोयले की बचत भी हो सके, क्योंकि अभी तक
साउथ अफ्रीका से मंगाया गया कोयला नहीं आया है। लेकिन अब गरमी के तेवर फिर
से तीखे हो रहे हैं। जिसके चलते पावरकाम ने अपने छह बंद किए यूनिट दोबारा
चालू करा दिए हैं।
बिजली की मांग वीरवार को 2100 लाख यूनिट दर्ज की
गई। इनमें से बठिंडा, लहरां और रोपड़ के दो-दो यूनिट शामिल हैं। रोपड़ का
बंद पड़ा एक और यूनिट भी शुक्रवार तक चलने की उम्मीद है।
पावरकाम के
अधिकारियों के मुताबिक अगर बिजली की मांग और भी बढ़ती है, तो दिक्कत नहीं
होगी, क्योंकि तलवंडी साबो का एक और यूनिट जुलाई महीने के अंत तक चल जाएगा।
जिससे बिजली की उपलब्धता बढ़ जाएगी और फिर कोई दिक्कत नहीं होगी।