पटियाला में प्रचार करते कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : twitter @capt_amarinder
पंजाब में विधानसभा चुनावों में मात्र दो दिन शेष हैं। ऐसे में कैप्टन अमरिंदर सिंह के शाही परिवार ने एकजुटता दिखाते हुए चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। कैप्टन के लिए समर्थन मांग रहीं परनीत कौर अब खुलकर सामने आ गई हैं। उन्होंने रैलियों का हिस्सा बनना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ भाभी परनीत कौर से सभी पुराने मतभेदों को भुलाकर कैप्टन के छोटे भाई मालविंदर सिंह भी अपनी बेटी रवनीत कौर के साथ चुनाव प्रचार में कूद पड़े हैं। मालविंदर सिंह केवल कैप्टन के लिए ही नहीं, बल्कि उनकी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के बाकी प्रत्याशियों के हक में भी होने वाली रैलियों में हिस्सा ले रहे हैं।
2012 के विस चुुनाव में देवर-भाभी में हो गई थी अनबन
गौरतलब है कि पंजाब में 2012 के विधानसभा चुनावों के समय जिले के समाना हलके से टिकट को लेकर मालविंदर सिंह की अपने भाई कैप्टन अमरिंदर सिंह व उनकी पत्नी सांसद परनीत कौर के साथ अनबन हो गई थी। उस समय मालविंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि समाना हलके में काम उन्होंने किया, लेकिन परनीत कौर ने उनकी जगह अपने बेटे रणइंद्र सिंह को टिकट दिलवा दिया। जबकि दूसरी तरफ कैप्टन ने कहा था कि टिकट आवंटन का काम पार्टी हाईकमान करता है, इसमें परनीत का कोई रोल नहीं है। लेकिन बाद में मालविंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़कर शिरोमणि अकाली दल (बादल) को ज्वाइन कर लिया था।
खुलकर पंजाब लोक कांग्रेस के लिए वोट मांग रहीं परनीत
हालांकि दो साल बाद 2014 में मालविंदर सिंह ने दोबारा कांग्रेस का दामन थाम लिया था। लेकिन फिर भी खास तौर से देवर व भाभी के रिश्तों के बीच पहले सा स्नेह नहीं देखा गया था। लेकिन अब पंजाब के बदले सियासी समीकरण में और चुनावों के बिल्कुल नजदीक कैप्टन की नई पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस को बल देने के लिए परिवार ने एकजुटता दिखाते हुए मोर्चा संभाल लिया है। एक तरफ सांसद परनीत कौर खुलकर कैप्टन के हक में सार्वजनिक रैलियों में मंच पर मौजूदगी दिखा रही हैं। जबकि अब तक वह चुनाव प्रचार से पूरी तरह गायब थीं। न वह कांग्रेस के प्रत्याशियों के लिए रैलियों का हिस्सा बन रही थीं और न ही पीएलसी के लिए। जिसके चलते कई बार कैप्टन से भी परनीत कौर के बारे सवाल पूछे गए कि सांसद किस पार्टी की तरफ से प्रचार करेंगी। लेकिन हर बार कैप्टन इस सवाल को टाल रहे थे। लेकिन अब परनीत के खुलकर कैप्टन के हक में आने से सभी अटकलों को विराम लग गया है।
उधर, भाई कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए मालविंदर सिंह भी बेटी रवनीत कौर के साथ मैदान में उतर आए हैं। मालविंदर सिंह अपने भाई के अलावा पीएलसी के बाकी प्रत्याशियों के लिए भी प्रचार कर रहे हैं। उनकी बेटी खास तौर से ताया कैप्टन के हक में पटियाला शहर में प्रचार में व्यस्त हैं। रवनीत कहती हैं कि भाजपा गठबंधन वाली सरकार ही पंजाब में विकास करा सकती है।