जब बेरोजगार मोती महल की तरफ बढ़ रहे थे तो प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल लगाकर उन्हें रोका गया। पहला बैरिकेड बेरोजगारों ने उखाड़ दिया। लेकिन जब वह दूसरे बैरिकेड पर पहुंचे तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। यूनियन के प्रदेश प्रधान दीपक कंबोज, वरिष्ठ उप प्रधान संदीप समेत 12 बेरोजगारों को चोट लगी। इसके बाद बेरोजगारों में बढ़ते रोष को देखते हुए उनकी सरकार साथ मीटिंग तय करा दी गई।
यह है मांगें
- 10 हजार ईटीटी अध्यापकों के पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाए
- ईटीटी अध्यापकों के पदों पर केवल ईटीटी टेट पास उम्मीदवारों को पहल पर भर्ती किया जाए
- उच्च योग्यता के नंबरों की शर्त हटाई जाए
- आयु सीमा में छूट दी जाए
- शिक्षा प्रोवाइडरों व वालंटियरों को दिए गए अतिरिक्त अंकों की शर्त हटाई जाए
जल सप्लाई ठेका मुलाजिमों का मोती महल की तरफ रोष मार्च
जल सप्लाई एवं सेनिटेशन वर्कर यूनियन के बैनर तले बुधवार को अपनी मांगों को लेकर जल सप्लाई विभाग के ठेका मुलाजिमों ने मोती महल की तरफ रोष मार्च निकाला। पुलिस ने ठेका मुलाजिमों को वाईपीएस चौक में रोक लिया। इसके बाद मुलाजिमों ने वहीं चौक में बैठकर गुरबाणी का पाठ करके सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को उनके चुनावी वादे को याद दिलाया। कर्मचारियों ने मांग की है कि ठेका मुलाजिमों को विभाग अपने स्तर पर ठेके पर ले, जिससे उनकी आर्थिक लूट खसोट खत्म हो सके। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप पर मुलाजिमों की 22 जुलाई की जल सप्लाई मंत्री साथ पैनल मीटिंग तय हुई।
प्रदेश उप प्रधान हंसा सिंह, प्रदेश उप प्रधान बलजिंदर सिंह ने कहा कि विभाग के उच्चाधिकारियों और विभाग की मंत्री रजिया सुल्ताना की ओर से कर्मचारियों साथ पैनल मीटिंग करने बाद विश्वास दिलाया गया था कि उनकी मुख्य मांग प्राइवेट ठेकेदारों के चंगुल से निकाल कर विभाग द्वारा सीधे तौर पर ठेके पर लेने की मान ली जाएगी। इसके छह महीने बीत जाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे मुलाजिमों में काफी रोष व्याप्त है। इसके रोष स्वरूप बुधवार को मोती महल की तरफ रोष मार्च किया गया।