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भाजपा का राजपुरा संकट: किसानों ने 14 नेताओं को बनाया बंधक, हाईकोर्ट के आदेश पर 12 घंटे बाद पुलिस ने बाहर निकाला

Mon, 12 Jul 2021 06:51 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा (पंजाब)

सार

पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा में किसानों ने 14 भाजपा नेताओं को घर में ही बंधक बना लिया। रातभर किसान घर के बाहर डटे रहे। बड़ी संख्या में किसान आस-पड़ोस की छतों पर भी चढ़े रहे। रात में ही मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को किसान नेताओं को सुरक्षित बाहर निकालने का आदेश दिया। पुलिस ने 12 घंटे बाद सभी नेताओं को बाहर निकाला। इस दौरान छत से गमला गिरने से पंजाब पुलिस का एक कंमाडो घायल हो गया। 
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किसानों से बातचीत करते पुलिस अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राजुपरा में बंधक बनाए 14 भाजपा नेताओं को हाईकोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने 12 घंटे बाद सोमवार सुबह किसानों के घेरे से सुरक्षित बाहर निकाला। इस मामले में रविवार देर रात पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को सुनवाई करनी पड़ी। इसके बाद सोमवार दिन में पंजाब सरकार ने जवाब दाखिल किया कि 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज कर दी है। अब हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 9 अगस्त तक अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।

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याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि रविवार दोपहर बाद 500 से अधिक हथियारबंद लोगों ने भाजपा के 14 लोगों को बंधक बना लिया था। इतना सब होने के बावजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही और इन सभी के जीवन को संकट में डाल दिया। याची ने कहा कि यदि देर रात यदि हाईकोर्ट ने मामले में दखल नहीं दिया होता तो बड़ी अनहोनी घट सकती थी। 

याचिकाकर्ता ने भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की अपील की। हाईकोर्ट ने कहा कि याची की मांग पूरी हो चुकी है और अन्य किसी राहत के लिए वह नई याचिका दाखिल कर सकते हैं। इस बीच एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट से अपील की है कि इस मामले में बंधक बनाए गए लोगों का पक्ष पहले सुना जाना चाहिए। 
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ऐसे चला घटनाक्रम
राजपुरा की गुरु अर्जुन देव कालोनी में रविवार शाम चार बजे भाजपा कार्यकर्ता अजय चौधरी के घर चाय पीने गए 14 भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के पारिवारिक सदस्यों को किसानों ने बंधक बना लिया था। देर रात हाईकोर्ट ने सभी बंधकों की सुरक्षा के आदेश जारी किए। इसके बाद डीआईजी पटियाला विक्रमजीत दुग्गल, डीसी पटियाला कुमार अमित, एसएसपी पटियाला डॉ. संदीप गर्ग की अगुवाई में सैकड़ों की संख्या में पहुंची पुलिस संयम बरतती रही और मीटिंग बेनतीजा होने के बाद सुबह के समय फैसला लेने की बात कहती रही।

काफी संख्या में किसान वहां से निकलने शुरू हो गए लेकिन बाकी किसान डटे रहे। तीन बजे के बाद पुलिस ने गेट के आगे खड़े ट्रैक्टरों को हटवाना शुरू किया और किसानों को घेरे में ले लिया। किसानों को लगने लगा कि उन्हें हटाया जा रहा है तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। तब तक पुलिस के जवान अलसुबह 4 बजे भाजपा प्रदेश महासचिव सुभाष शर्मा, एसके देव, साहिल कुमार को बाहर ले आए और भारी सुरक्षा के बीच उन्हें पुलिस की गाड़ियों में बैठाया। इससे माहौल गरमा गया और किसानों ने पुलिस की दो गाड़ियों के शीशे ईंट व डंडे मारकर तोड़ दिए। यही नहीं पानी की भरी बोतलें मारनी शुरू कर दीं। 

छत से गिरे एक गमले से पुलिस का कमांडो गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। सुबह छह बजे तक जब सभी किसान वहां से चले गए तो घर में मौजूद भाजपा जिला प्रभारी भूपेश अग्रवाल, शहरी प्रधान हरिंद्र कोहली, देहात प्रधान विकास शर्मा, रविंद्र खन्ना, नौलखा पटियाला, भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष गौरव गौतम सहित 12 नेताओं को अलग-अलग गाड़ियों में बिठाकर अपने-अपने घरों को भिजवाया गया।

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