पटियाला। चुनाव आयोग की ओर आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत करने को जारी किए सी विजिल एप का लोग सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। शिकायतों की बजाय कोई इस एप पर अपनी सेल्फी, तो कोई अपने बच्चों की फोटो और कुछ तो घर के सामान की भी फोटो अपलोड कर रहे हैं। इस संबंधी सी विजिल एप के जिला इंचार्ज दीपांशु गोयल का कहना है कि यह सही नहीं है। एप का इस्तेमाल सिर्फ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी मामलों की शिकायत करने को किया जाना चाहिए। इस तरह की प्रवृति गलत है। हो सकता है कि एप को टेस्ट करते समय लोगों से गलत से यह हो गया हो। उन्होंने कहा कि इन फर्जी शिकायतों को रद्द कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग की ओर से आठ जनवरी को सी विजिल एप को शुरू किया गया था। इस एप को लांच करने का मकसद केवल इतना है कि लोग चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन मामले में शिकायत अपने घर बैठे कर सकें। वीरवार तक इस एप पर 156 शिकायतें आई हैं, जिनमें से 53 शिकायतें फर्जी निकली हैं। जिसके चलते इन शिकायतों को रद कर दिया गया है। बाकी 103 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है। लेकिन लोग इस एप पर शिकायत डालने की बजाय अपनी सेल्फी लेकर ही अपलोड कर रहे हैं। कोई सेल्फी डाल रहा है, तो कोई अपने बच्चों की फोटो डाल रहा है। कईं ने तो घर के सामान की फोटो ही डाल दी है। इस तरह की फर्जी शिकायतों से चुनाव स्टाफ परेशान है। इन सभी फर्जी शिकायतों को रद्द कर दिया गया है। हालांकि चुनाव स्टाफ यह भी मानता है कि कई बार लोग यह जांच रहे होते हैं कि यह एप चल भी रही है या नहीं, इसके लिए वह अपनी सेल्फी लेकर डाल देते हैं। गौरतलब है कि सी विजिल एप पर अब तक विभिन्न सियासी पार्टियों के पोस्टरों को लेकर शिकायतें काफी आ चुकी हैं?