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पर्ल कंपनी विवाद ः पैसा वापसी में देरी की जिम्मेदार सरकारी नीतियां : निवेशक

Mon, 20 Jun 2016 09:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मंडी गोबिंदगढ़
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मंडी गोबिंदगढ़ में पर्ल कंपनी में निवेशकों के फंसे पैसे निकलवाने के लिए बनाई गई आग्रेनेजाईजेशन के पदाधिकारी व सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
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पर्ल कंपनी में हजारों करोड़ रुपयों की वापसी को लेकर कंपनी के फील्ड अफसरों और निवेशकों ने मंडी गोबिंदगढ़ में ऑल इनवेस्टर सेफ्टी आर्गनाइजेशन की सदस्यता हासिल कर ली है। एसोसिएशन के सचिव मनदीप सिंह कोकरी और खजांची हरचरन सिंह की अध्यक्षता में अग्रसेन पार्क में निवेशकों की एक बैठक बुलाई गई जिसमें बड़ी संख्या में वर्करों और निवेशकों ने हिस्सा लिया। कोकरी ने मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस लोड कमेटी का जिक्र करते हुए निवेशकों के पैसे वापस करवाने में हो रही देरी के लिए सरकार की ढीली नीति को जिम्मेदार बताया। 
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उन्होंने कहा कि तीखे संघर्ष के अलावा निवेशकों वर्करों के पास कोई अन्य चारा नहीं है उन्होंने सभी को प्रस्तावित संघर्ष के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करते कहा कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए आर्गनाइजेशन बहुत जल्द दिल्ली में उच्च स्तरीय धरना देगी। इस अवसर पर मंडी गोबिंदगढ़ के फील्ड अफसरों और निवेशकों के लिए इंसाफ की आवाज आर्गनाइजेशन का गठन किया गया। इसमें हरभजन सिंह कोटला को अध्यक्ष, जसवंत सिंह को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अवतार सिंह उपाध्यक्ष, सुरेश कुमार सचिव, बीआर वर्मा प्रेस सचिव, कृष्ण कुमार सह-सचिव, सोहन लाल खजांची समेत सुभाष कुमार, अवतार सिंह, हरदेव सिंह, निर्मल सिंह और भूपिंदर सिंह को कार्यकारी सदस्य चुना गया। नई चुनी आर्गनाइजेशन ने निवेशकों का पैसा जल्द वापस करवाने के लिए संघर्ष छेड़ने की चेतावनी दी। 
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