पटियाला। छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट के विरोध में सरकारी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेज के 100 से ज्यादा डॉक्टर एक दिन के लिए बुधवार को सामूहिक छुट्टी पर चले गए। इस कारण मेडिकल कॉलेज के अधीन आते राजिंदरा और टीबी अस्पताल में दिनभर ओपीडी और ऑपरेशन थियेटर सेवाएं बंद रहीं। इसके साथ ही सरकारी डेंटल कॉलेज में भी कामकाज ठप रहा। मेडिकल व डेंटल फैकल्टी ने एमबीबीएस टीचिंग और प्रशासनिक ड्यूटियों का भी मुकम्मल बायकॉट किया।
इस दौरान डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल दफ्तर के बाहर धरना लगाकर पंजाब सरकार और छठे वेतन आयोग के विरोध में नारेबाजी की। पूर्व केमिकल एग्जामिनर पंजाब डॉ. डीसी शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार की अफसरशाही में कुछ शरारती व डॉक्टर विरोधी तत्वों की ओर से एनपीए संबंधी सरकार को गुमराह किया गया है। नतीजे के तौर पर पंजाब सरकार व सरकारी डॉक्टरों में टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। यह मरीजों व विद्यार्थियों के हित में नहीं है। डॉ. डीएस भुल्लर ने कहा कि संघर्ष के अगले पड़ाव में पटियाला-संगरूर हाईवे को दो घंटों के लिए जाम किया जाएगा।
सीएमओ दफ्तर पर जड़ा ताला
पटियाला। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज (पीसीएमएस) डॉक्टरों ने एनपीए में कटौती के विरोध में बुधवार को सिविल सर्जन समेत सहायक सिविल सर्जन के दफ्तर को ताला जड़ दिया। इस कारण सिविल सर्जन को अपने कैंप ऑफिस से काम करना पड़ा, जबकि सहायक सिविल सर्जन को भी कहीं और बैठकर काम करना पड़ा। वहीं, बुधवार को सरकारी माता कौशल्या अस्पताल की ओपीडी को भी डॉक्टरों ने बंद रखा।