भोला ड्रग रैकेट केस में पकड़े गोराया के बिजनेसमैन चुन्नी लाल गोराया के बेटे गुरजीत सिंह उर्फ मोनू को बुधवार को पुलिस रिमांड खत्म हो जाने पर दोबारा फतेहगढ़ साहिब में ड्यूटी मजिस्ट्रेट चरनजीत अरोड़ा की अदालत में पेश किया गया। मोनू गाबा को एक दिन के और पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
मोनू गाबा को पुलिस ने 19 जून को करोड़ों के भोला ड्रग रैकेट केस में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मोनू गाबा के खिलाफ 16 जून 2013 को केस रजिस्टर किया था और उसे सेक्शन 21, 22, 61 और 85 ऑफ द नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसिज (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। मोनू इस केस में प्रमुख पीओ था। मोनू पूर्व जेल मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर का भी काफी नजदीकी है।
एसपी (डी) जसकिरन पाल सिंह तेजा ने बताया कि मोनू गाबा को रिमांड खत्म होने पर बुधवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे एक दिन के और पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। मोनू से पूछताछ के आधार पर पुलिस जल्द ही भोला ड्रग रैकेट केस में एक और गिरफ्तारी कर सकती है। इसलिए गाबा का एक दिन का और रिमांड लिया गया है।
गौरतलब है कि मोनू गाबा हिमाचल प्रदेश में एक फार्मास्यूटिकल फैक्टरी चला रहा था और उस पर ड्रग तस्कर वरिंदर राजा को आइस बनाने के लिए सुडोएफड्रीन सप्लाई करने का आरोप है। वरिंदर राजा आगे आइस को विदेशों में सप्लाई करता था। भोला से पूछताछ के दौरान मोनू गाबा का नाम सामने आया था।