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वैक्सीन मिलने की खुशी के साथ शंकाएं भी, कहा- पहले स्वास्थ्य कर्मियों को नहीं, आम लोगों को लगे टीका

Sat, 02 Jan 2021 10:38 PM IST
पंजाब ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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पटियाला में सेहत मुलाजिमों ने केंद्र सरकार की ओर से पहले पड़ाव में सफाई सेवकों से लेकर डाक्टरों तक सभी हेल्थ वर्करों को ही कोरोना वैक्सीन दिए जाने के फैसले पर खुशी के साथ-साथ शंकाएं भी व्यक्त की हैं।

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इनका कहना है कि वैक्सीनेशन के ट्रायल देश में भले ही कामयाब रहे हैं लेकिन फिर भी वैक्सीन कितनी असरदार है या नहीं या फिर इसका लाभार्थी के शरीर पर कैसा असर पड़ता है, यह सब देखने वाली बात है। ऐसे में पहले पड़ाव में हेल्थ केयर वर्करों को वैक्सीन नहीं देनी चाहिए थी।

सरकारी मेडिकल कालेज के हेल्थ वर्कर बलजीत सिंह का कहना है कि कोरोना वैक्सीन कितनी असरदार रहेगी या नहीं, इसे लेकर शंकाएं हैं। ऊपर से इस वैक्सीनेशन का लाभार्थी के शरीर पर कोई विपरीत असर भी पड़ सकता है। ऐसे में वैक्सीन पहले हेल्थ केयर वर्करों को नहीं दी जानी चाहिए थी। बाद में कोई दिक्कत तो फिर कोरोना के आम मरीजों की देखरेख का काम प्रभावित हो सकता है।
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वहीं सरकारी राजिंदरा अस्पताल की स्टाफ नर्स रेणु गोयल ने कहा कि पहले हेल्थ केयर वर्करों को नहीं, बल्कि आम लोगों को वैक्सीन दी जानी चाहिए। क्योंकि अभी तक कोरोना वैक्सीनेशन के असर को लेकर पक्के तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है। सरकार को फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।

सरकारी राजिंदरा अस्पताल के हेल्थ एंड सेनेटरी इंस्पेक्टर राजेश बांसल ने कहा कि अगर कोरोना वैक्सीनेशन ने हेल्थ केयर वर्करों के शरीर पर कोई विपरीत असर किया तो फिर क्या होगा। वैक्सीनेशन को लेकर आम लोग ही नहीं बल्कि हेल्थ केयर वर्करों के मन में शंकाएं हैं। जिन्हें दूर करने के बारे सरकार को सोचना चाहिए।

हेल्थ वर्करों को ज्यादा खतरा, फैसला सही : डॉ सिंगला
सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजन सिंगला ने कहा कि हेल्थ केयर वर्करों को कोरोना होने का ज्यादा खतरा है, इसलिए केंद्र सरकार का यह फैसला पूरी तरह से सही है। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना वैक्सीनेशन के ट्रायल सफल रहे हैं। इसलिए मन में शंकाएं आना गलत है। वैक्सीनेशन तो एक तरह का कवच है, जिसके मिलने के बाद हेल्थ केयर वर्कर और शिद्दत से कोरोना मरीजों की देखरेख व उनके इलाज में जुट सकेंगे।

कोरोना वैक्सीन करेगी हमारी सुरक्षा : सफाई सेवक  
वहीं फिरोजपुर में कोरोना वैक्सीन लगाने की घोषणा से सफाईकर्मी बहुत खुश है। सफाई कर्मियों का कहना है कि डरते हुए सफाई का काम कर रहे थे, लोगों के सम्मान ने उनकी ताकत बढ़ाई है। सफाई सेवक अमर भट्टी का कहना है कि काम के दौरान हमेशा डर रहता था कि कहीं उन्हें कोरोना न हो जाए। जब कालोनियों में सफाई करने जाते हैं तो लोग उन्हें बहुत सम्मान देते हैं।
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लोगों के सम्मान से ही काम करने की ताकत बढ़ी है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सबसे पहले उन्हें मुफ्त में वैक्सीन लगाने की घोषणा की है, इसकी जानकारी मिलते ही उन्हें बहुत खुशी हुई है। एएसआई सुखदेव सिंह व जसबीर सिंह ने कहा कि कोरोना वैक्सीन लगना जरूरी है, क्योंकि हर वारदात व घटना के अलावा भीड़भाड़ इलाके में उन्हें जाना पड़ता है।

वैक्सीन लगने से उन्हें कोई खतरा नहीं होगा। ट्रैफिक पुलिस में तैनात गगनदीप सिंह ने कहा कि उनका कार्य पब्लिक डीलिंग का है। वैक्सीन लगने से उनकी सुरक्षा बनी रहेगी। सरकार ऐसा करके अच्छा काम कर रही है।

‘वैक्सीन लगने से आएगी सुरक्षित रहने की भावना’
लुधियाना में भी सरकार के इस फैसले का हर वर्ग स्वागत कर रहा है। पहले फेज में यह वैक्सीन सिर्फ फ्रंटलाइन पर काम करने वाले मुलाजिमों को दी जाएगी। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रमेश कुमार ने बताया कि वैक्सीन लगने से उन्हें कोरोना से लड़ने का नया हथियार मिल जाएगा। हालांकि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपनी सेवाओं को जारी रखा था। यही नहीं कोरोना महामारी के दौरान प्रशासन की परमिशन से दो आई कैंप लगा चुके है। 

अब वैक्सीन आने से उन्हें और ज्यादा काम करने का आत्मबल मिलेगा। डॉक्टर रोहित रामपाल बताते है कि सेहत मुलाजिमों को वैक्सीन लगने के बाद वह कोरोना के खिलाफ और अच्छे से काम कर सकेंगे। वैक्सीन से उनमें एक सुरक्षा की भावना विकसित होगी। हालांकि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने इतना काम कर लिया है कि अब डर तो खत्म हो चुका है। फिर भी वैक्सीन से एक सुरक्षा जरूर मिलेगी, जोकि जरूरी भी है।
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