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ओमीक्रान के खतरे से निपटने को लेकर सेहत व मेडिकल एजूकेशन विभागों ने कसी कमर-- राजिंदरा में विशेष आईसोलेशन वार्ड स्थापित, अस्पत

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पटियाला। भारत में बढ़ते जा रहे ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने के लिए सेहत विभाग और मेडिकल एजूकेशन एवं रिसर्च विभाग पूरी तरह से तैयार हैं। इसके तहत जहां सरकारी राजिंदरा अस्पताल में एक विशेष आइसोलेशन वार्ड स्थापित कर दिया गया है, वहीं विभिन्न सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में 1500 बेडों का खास तौर से संभावित तीसरी लहर के लिए इंतजाम कर लिया गया है।
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देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा लगातार बढ़ता रहा है। ऐसे में कोरोना की संभावित तीसरी लहर में पहले की तरह स्वास्थय सेवाएं ध्वस्त न हों, इसके लिए सेहत विभाग और चिकित्सा शिक्षा एवं शोध विभाग ने कमर कस ली हैं। विभागों की ओर से सरकारी राजिंदरा अस्पताल की मेटरनल चाइल्ड हेल्थ बिल्डिंग के एक फ्लोर को आइसोलेशन वार्ड में तबदील कर दिया गया है। इसी फ्लोर पर ओमिक्रॉन के मरीजों के लिए आईसीयू भी स्थापित करने की योजना है। आइसोलेशन वार्ड में ओमिक्रॉन के पाजिटिव के साथ साथ संदिग्ध मरीजों को रखा जाएगा। इसके साथ ही सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में 1500 बेडों का भी कोरोना के मरीजों के लिए इंतजाम कर लिया गया है। यह 1100 बेड सरकारी राजिंदरा अस्पताल, माता कौशल्या अस्पताल, नाभा, राजपुरा व समाना के सिविल अस्पतालों के अलावा माडल टाउन, पातड़ां व दूधनसाधां के कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों में होंगे, जबकि 400 बेड का प्रबंध प्राइवेट अस्पतालों में किया गया है।
राजिंदरा में इस बार बेड़ों की गिनती 600 से बढ़ाकर 840 की गई-एमएस
राजिंदरा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. एचएस रेखी ने अमर उजाला को बताया कि दूसरी लहर दौरान जहां अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए 600 बेड रखे गए थे, वहीं इस बार बेडों की संख्या बढ़ाकर 840 कर दी गई है। इनमें 120 बेड पोस्ट कोविड मरीजों के लिए होंगे, जिनको आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत होगी।
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छह करोड़ की कीमत की दवाएं सरकार से मांगी-एमएस
राजिंदरा के एमएस ने बताया कि संभावित तीसरी लहर के दौरान मरीजों के इलाज के लिए पंजाब सरकार को जरूरी दवाओं की सप्लाई के लिए लिख दिया गया है। यह दवाएं करीब छह करोड़ की कीमत की हैं। सरकार को दवाओं की सप्लाई जल्द से जल्द करने की अपील की गई है। एमएस ने दावा किया कि अब राजिंदरा में आक्सीजन की कोई कमी नहीं है। आक्सीजन की सप्लाई पर्याप्त है।
ट्रैवलरों पर भी रखी जा रही है पैनी नजर, नवंबर में 117 की सैंपलिंग
सेहत विभाग के डा. सुमित सिंह ने बताया कि 11 नोटिफाइड देशों से आने वाले ट्रैवलरों पर विभाग द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है। तय नियमों के मुताबिक सात दिनों के बाद इन ट्रैवलरों की सैंपलिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि नवंबर महीने में 117 ट्रैवलरों की सैंपलिंग की गई। हालांकि इनमें से कोई भी ओमिक्रॉन का केस नहीं पाया गया।उन्होंने कहा कि
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