-मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजपुरा के तहसील परिसर का किया औचक दौरा
-कहा, नागरिक केंद्रित सेवाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी/ब्यूरो
राजपुरा/पटियाला। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को राजपुरा के तहसील परिसर का अचानक दौरा करके नागरिक केंद्रित सेवाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने तहसीलदार के कार्यालय का दौरा किया और वहां चल रही रजिस्ट्री की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी समय किसी भी सरकारी कार्यालय, स्कूल या अस्पताल का दौरा कर सकते हैं। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके मान ने लोगों से बातचीत कर उनकी मुश्किलें जानीं। मान ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यकुशलता के लिए जनता की प्रतिक्रियाओं का बहुत महत्व है और इसे हर तरह से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपके द्वार योजना उनकी सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य घर-घर सेवाएं पहुंचाना है। इसी अभियान के तहत उन्होंने राजपुरा के तहसील परिसर के सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण किया और जमीनी स्तर पर स्थिति का जायजा लिया। मान ने कहा कि लोगों ने उन्हें कार्यालयों के कामकाज के बारे में बताया। उनके दौरे का मकसद अधिकारियों में किसी किस्म का कोई नुक्स निकालना नहीं है, बल्कि इसका मकसद सरकारी कार्यालयों में कामकाज को और सुचारू बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने पहली बार देखा है कि राज्य का कोई मुख्यमंत्री सरकारी कार्यालयों का दौरा कर रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल राज्य के लोगों को समय पर सभी प्रकार की नागरिक केंद्रित सेवाएं सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अधिकारी अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी और तत्परता से निभाएं। लोगों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। मान ने कहा कि राज्य सरकार जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री के लिए एनओसी प्रणाली को समाप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रही है। इस निर्णय का एकमात्र उद्देश्य आम लोगों की सहायता करना है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई छापा नहीं है। वह लोगों की समस्याएं जानने आए हैं। लोग लंबे समय से तहसील कॉम्प्लेक्स में फर्द लेने के लिए घंटों लाइन में लगे रहते थे। अब आम आदमी पार्टी ने यह सारा काम ऑनलाइन कर दिया है।