पंजाब के उद्योगपति व छोटे व्यापारियों की समस्याओं को नजदीक से समझने के लिए कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल और ऑल इंडिया कांग्रेस के प्रवक्ता विजय इंद्र सिंगला इन दिनों छोटे व्यापारियों से सुझाव मांग रहे हैं। रविवार को क्लब परिसर में आयोजित ऐसी ही सभा में उक्त कांग्रेस दिग्गजों ने औद्योगिक विकास को ठप बताकर पंजाब और केंद्र की मोदी सरकार को जमकर कोसा।
उपस्थित संगरूर डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज चेंबर के मालेरकोटला अध्यक्ष इंजी. विशाल अग्रवाल ने कहा कि केंद्र में सरकार भाजपा की रही हो या कांग्रेस की सभी ने उद्योगों को परेशान किया है। पंजाब में बिजली की दरें पड़ोसी राज्यों से महंगी हैं। स्थापित किए गए फोकल प्वाइंट विकास को तरस रहे हैं। सबसे अधिक टैक्स उद्योगपति दे रहे हैं और उन्हीं की सुनवाई जीरो है।
पवन बंसल ने बताया कि प्राप्त होने वाली समस्याओं को कांग्रेस के सांसद लोकसभा में उठाएंगे ।
इस दौरान एआईसीसी के प्रवक्ता और पूर्व सांसद विजय इंद्र सिंगला ने बताया कि सुझाव प्राप्त कर पंजाब विस चुनाव हेतु कांग्रेस के घोषणा पत्र की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस अवसर पर पंजाब कांग्रेस की उपाध्यक्ष रजिया सुल्ताना और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजिंदर राजा ने भी संबोधित किया। समागम में बेअंत किंगर, मनोज उप्पल, सचिन कुमार, मुजमिल अली खान, साकिब अली शामिल हुए ।
टकसाली कांग्रेसी उपेक्षा का शिकार
समारोह में जहां व्यापार जगत से जुड़े लोग अपनी समस्याएं रख रहे थे वहीं मालेरकोटला ब्लाक के पूर्व अध्यक्ष शिव दयाल रलहन ने खड़े होकर उपस्थित कांग्रेस दिग्गजों के समक्ष आरोप लगाया कि वह 40 साल से कांग्रेस के साथ जुड़े हैं। इसके बाद भी कुछ सालों से मालेरकोटला में पुराने कांग्रेसी नेता उपेक्षा का शिकार हैं। बुजुर्ग कांग्रेस नेता के प्रश्न का मंच पर बैठे दिग्गजों ने कोई जवाब नहीं दिया।
रेलवे का अलग बजट समाप्त करना सराहनीय
मालेरकोटला (संगरूर)। देश के पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल ने केंद्र सरकार की ओर से अमृतसर-कोलकाता डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर योजना को ठंडे बस्ते में डालने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि इस योजना की मनमोहन सिंह सरकार ने साल 2006 में फंडिंग की थी। रेलवे की जमीनी हकीकत काफी खस्ता है इसलिए देशभर में नई रेल लाइन बिछाने की ओर ध्यान देने की जरूरत है न कि बुलेट ट्रेन की। उन्होंने रेलमंत्री होते हुए लुधियाना - दिल्ली वाया हिसार डबल रेल लाइन बिछाने की योजना मंजूर की थी किंतु इसे भी न जाने कहां गुम कर दिया गया है। बांसल ने मोदी सरकार की ओर से रेलवे के अलग बजट के प्रावधान को समाप्त करने के फैसले की सराहना भी की है।