किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल file
खनौरी बॉर्डर पर बुधवार को किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन 44वें दिन भी जाारी रहा। इस मौके पर डॉक्टरों ने मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि किसान नेता के पैरों को यदि शरीर के अन्य हिस्सों के समानांतर करते हैं, तो ब्लड प्रेशर काफी कम हो जाता है। ब्लड प्रेशर थोड़ा स्थिर करने के लिए डल्लेवाल के पैरों को ऊंचाई पर रखना पड़ता है।
इस बीच बुधवार को जगजीत सिंह डल्लेवाल ने विशेष निवेदन किया कि उन्हें बात करने में परेशानी आ रही है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को उनकी ट्राॅली में न आने दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों की भावना का सम्मान करते हैं, लेकिन मेडिकल मजबूरी की वजह से वे बात करने में असमर्थ हैं। यहां तक कि डल्लेवाल ने कहा कि उनके परिवार के लोग भी उनसे बात करने के लिए न आएं।
इस मौके किसान नेताओं अभिमन्यु कोहाड़ व काका सिंह कोटड़ा ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली के किसानों से मीटिंग की है। इस दौरान उन्होंने कहा है कि सरकार की योजनाओं का लाभ दिल्ली के किसानों को नहीं मिल रहा है, इसलिए वह दुःखी हैं। दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री को 13 फरवरी, 2024 से सड़कों पर बैठे किसानों और 26 नवंबर 2024 से आमरण अनशन कर रहे जगजीत सिंह डल्लेवाल का संघर्ष व त्याग नहीं दिख रहा है। किसान नेताओं ने कहा कि 2016 की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में 21,000 किसान थे, जिनकी संख्या पिछले 8 साल में काफी घट चुकी है।
अखिलेश का संदेश लेकर पहुंचे हरेंद्र मलिक
किसान नेताओं ने कहा कि डल्लेवाल की बिगड़ती हालत के मद्देनजर केंद्र सरकार को गंभीर होकर किसानों की समस्याओं का हल करना चाहिए। बुधवार को समाजवादी पार्टी के मुजफ्फरनगर के सांसद व नेशनल जनरल सेक्रेटरी हरेंद्र मलिक अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ डल्लेवाल का हालचाल जानने के लिए आए।
उन्होंने अखिलेश यादव का संदेश डल्लेवाल तक पहुंचाया। डल्लेवाल की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण अखिलेश यादव ने किसान नेता काका सिंह कोटड़ा से फोन पर बात की और कहा कि वे सभी राजनीतिक पार्टियों से बात करेंगे और प्रयास करेंगे कि सभी आपसी मतभेद भुलाकर एमएसपी गारंटी कानून के मुद्दे पर एकजुट हों, ताकि किसानों की आत्महत्या रोकी जा सकें।