सिविल अस्पताल व दो निजी अस्पतालों के पास प्लास्टिक के लिफाफे में भ्रूण होने की अफवाह से हड़कंप मच गया। एसएमओ की अगुवाई में डाक्टरों की टीम ने मौके पर जांच की तो लिफाफे में से नवजात बच्चे का पलेसैंटा (ओल) बरामद हुआ।
एसएमओ डॉ. जरनैल सिंह ने कहा कि डिलिवरी के बाद नवजात बच्चे के शरीर से बाकी हिस्सा ब्लेड से अलग कर दिया जाता है, जिसे पलेसैंटा कहते हैं।
यह जरूरी नहीं की जिस पीले लिफाफे में पलेसैंटा मिला है वह लिफाफे केवल सरकारी अस्पताल को दिए जाते हैं। ये निजी अस्पतालों में भी भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि नवजात बच्चे का ओल केवल 12 घंटे पहले का है। राजपुरा के सभी अस्पतालों व नर्सिंग होम से रिकार्ड मंगवाया जाएगा।
जिस भी अस्पताल से डिलिवरी हुई है और ओल, नाड़, ब्लेड, पट्टियां, ग्लब्स व अन्य सामान को सार्वजनिक स्थान पर फेंका गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएमओ ने बताया कि सिटी पुलिस को भी पलेसैंटा मिलने की जानकारी दे दी गई है।