दिल्ली के एक व्यापारी, उसकी पत्नी को लूटने के दोषी चार नौजवानों को एडिशनल सेशन जज राजिंदर अग्रवाल की कोर्ट ने शुक्रवार को साढ़े तीन साल कैद की सजा सुनाई।
साथ ही दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई, जबकि इस मामले में एक आरोपी अभी भी भगौड़ा करार है।
केस के तथ्यों के मुताबिक पुरानी दिल्ली में जामा मस्जिद के पास रहने वाले व्यापारी संजय शर्मा की बेटी लहराघग्गा में विवाहिता थी।
बेटी के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए व्यापारी अपनी पत्नी व सास के साथ 26 सितंबर 2009 को वैगनार आर कार में लहराघग्गा आ रहे थे।
रात करीब साढ़े 11 बजे संजय शर्मा ने पातड़ां-दिल्ली मार्ग पर नरवाना के नजदीक एक ढाबे से खाना खाया, जैसे ही वह लोग कार में जाने लगे, तो कार का टायर निकल गया।
पीछे से इंडिका कार में आ रहे पांच नौजवानों ने संजय शर्मा की टायर ढूंढ कर फिट करने में मदद की। लेकिन आगे जाकर इन लोगों ने संजय शर्मा की कार के आगे अपनी कार लगाकर उससे सोने की चेन, पत्नी से मंगल सूत्र लूट लिया और मौके से फरार हो गए।
पातड़ां थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार आरोपियों जतिंदर, कुलबीर, कृष्ण, सोनू को पकड़ लिया, जबकि राजवीर नाम का एक आरोपी अभी भी भगौड़ा करार है।
पकड़े चारों आरोपियों को कोर्ट ने लूट के दोष साबित होने पर साढ़े तीन साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।