नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल में पुरानी रंजिश के कारण शनिवार को कैदियों में पहले सुबह और फिर शाम को खूनी भिड़ंत हो गई। इस दौरान नौ कैदी बुरी तरह से घायल हो गए।
जिनमें से पांच को कड़ी सुरक्षा के बीच नाभा के सरकारी सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। बाकी चार जेल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। सरकारी अस्पताल में दो कैदियों को इलाज के लिए आपरेशन थियेटर में ले जाना पड़ा।
नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल में खतरनाक आतंकी रखे गए हैं।
यह जेल अकसर विवादों में रही है। शनिवार सुबह जेल की बैरक नंबर 20 और चार में रखे गए कैदियों के बीच पुरानी रंजिश के कारण खूनी भिड़ंत हो गई। इस दौरान कैदियों ने एक-दूसरे को मारने के लिए चाय बनाने वाले पैन, ग्लास आदि बगैरह का भी इस्तेमाल किया।
मारपीट में कैदियों के कपड़े खून से लाल हो गए। तीन कैदी बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तुरंत नाभा के सिविल अस्पताल ले जाया गया।
घायलों में आरडीएक्स एक्ट अधीन सजा काट रहा कैदी सुखविंदर सिंह बाक्सर, गांधी खन्ना कांड में सजा काट रहा जगपाल और सिरसा केस में बंद सुखकिरन सिंह शामिल है। यह ग्रुप 20 नंबर बैरक में बंद था।
घायल सुखविंदर सिंह व जगपाल ने उपचार के दौरान बताया कि कैदियों में यह खूनी लड़ाई जेल प्रशासन की मिलीभगत से हुई है। कैदियों ने आरोप लगाया कि जेल में सरेआम नशे जा रहे हैं और उनका वहां इस्तेमाल हो रहा है। कईं बार बताने के बावजूद जेल प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
जब जेल में अहाते अलग-अलग हैं, तो फिर लड़ाई कैसे हो सकती थी। कैदियों ने आरोप लगाया कि जेल में भीम सिंह, ज्ञान सिंह व अन्य कईं कैदियों को जेल प्रशासन का पूरा हाथ है, जो किसी भी समय जेल में गुंडागर्दी करा सकते हैं।
शाम को पांच बजे फिर से कैदियों के बीच भिड़ंत हो गई। इस भिड़ंत में छह कैदी घायल हो गए।
जिनमें से चार को जेल अस्पताल में दाखिल कराके उपचार कराया जा रहा है। जबकि दो को सिविल अस्पताल में लाया गया है। जिन्हें पटियाला राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया। इनकी हालत खराब बताई जा रही है।
इन घायल कैदियों में गुरजंट सिंह, रणधीर सिंह, रजिंदर पाल, अमन कुमार, रजिंदर सिंह, जसप्रीत सिंह शामिल हैं। मामले संबंधी थाना कोतवाली में आरोपी कैदियों खिलाफ सरकारी ड्ूयूटी में बाधा डालने व लड़ाई झगड़े का केस दर्ज कर लिया गया है।