पंजाब और हरियाणा में कई वारदात को अंजाम देने वाले बचित्र गैंग के दो सदस्यों को सीआईए स्टाफ ने काबू किया है।
इनसे एक 315 बोर का देसी पिस्तौल, नौ एमएम की पिस्तौल और 9 कारतूस बरामद हुए हैं। इनके खिलाफ थाना नूरपुरबेदी में मामला दर्ज कर लिया गया है।
एसपी हरमीत सिंह हुंदल ने बताया कि पकड़े गए दोनों गैंगस्टर केसर मल्ली गैंग के दो सदस्यों पर हमला करने जा रहे थे। सीआईए स्टाफ के इंचार्ज गब्बर सिंह ने इन्हें काबू किया। आरोपियों की पहचान परमिंदर सिंह और अमनदीप के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि परमिंदर सिंह के खिलाफ कत्ल का प्रयास करने, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत 13 मुकदमे दर्ज हैं। यह इन मामलों में फरार चल रहा था।
हरियाणा और पंजाब पुलिस को उसकी तलाश थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि परमिंदर उर्फ पिंदरी अपने अन्य साथी के साथ बाइक पर थाना नूरपुरबेदी के एरिया में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए आ रहा है। इन्हें बलाचौर से नूरपुरबेदी साइड को आते हुए टिब्बा नंगल की घाटियों के पास गिरफ्तार किया गया है।
सीआईए स्टाफ के इंचार्ज गब्बर सिंह ने बताया कि उन्होंने यह हथियार मेरठ (यूपी) से आशीष और बिट्टू से खरीदे हैं। इनका नेता बचित्र सिंह रोपड़ जेल में बंद है।
पुलिस ने इन दोनो को श्री आनंदपुर साहिब की अदालत में पेश किया जहां से अदालत ने इन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।