जिले में शनिवार को आग ने कहर बरपाया। पछुआ हवा ने आग में घी का काम किया। खरगूपुर, जटौली और कटात पुरुषोत्तमपुर गांव में आग लगने से 43 मकान जलकर राख हो गए। अग्निशमन कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। आग से करीब 70 लाख रुपये की संपत्ति के नुकसान का आकलन है।
कादीपुर क्षेत्र के खरगूपुर गांव में शनिवार दोपहर महेंद्र के घर से उठी चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने सोमई, विजय बहादुर, रामनाथ, संतोष, अरुण, राजू, भोलानाथ, सहदू, श्रीराम, दुर्गावती, त्रिवेणी, हरिराम, बचई, लालजी, खुशाल, राम बुझारत, रामचंद्र, माधवलाल, साधोलाल, राम प्रताप, सौदागर, बागू और जितेंद्र के मकान को भी चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने आग को काबू पाया। नायब तहसीलदार रामप्रीत यादव ने बताया कि आग से करीब 40 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। दूसरा हादसा इसी क्षेत्र में हुआ।
जटौली गांव निवासी मोती के मकान में शनिवार की दोपहर आग लग गई। आग की चपेट में रामचंद्र, दूधनाथ, सीताराम, बुद्धू, रामजी, रामचंदर, हीरा, सुक्खू, राम शब्द, राधेश्याम, राम दौर, देवराज और रामखेलावन का मकान आ गया। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। आग से जटौली गांव में करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
एक हादसा जयसिंहपुर क्षेत्र के कटात पुरुषोत्तमपुर गांव में हुआ। गांव निवासी बुद्धिराम के मकान में शनिवार को लगी आग से राम अवध, ऊछा का मकान भी जल गया। कटात से सटे डंडवा सियराभारी गांव निवासी राम दयाल और राजाराम का मकान भी आग से जल गया। कटात और डंडवा सियराभारी गांव में आग से करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।