मालेरकोटला में हाईवे पर शव को रखकर प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण।
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गांव मनवी के एक 28 वर्षीय दिव्यांग नौजवान ने बबनपुर नहर में कूदकर जान दे दी। परिवार का आरोप है कि इसी गांव के अकाली सरपंच और उनके तीन साथियों द्वारा उनके बेटे को दो महीनों से तंग किया जा रहा था। इतना ही नहीं शुक्रवार को नहर से शव बरामद हुआ तो उस पर चोट के निशान थे। इससे ग्रामीणों ने आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करते हुए शव को सड़क पर रखकर सुबह से लेकर शाम तक लुधियाना-संगरूर हाईवे बंद रखा और पुलिस पर भी पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए। बड़ी संख्या में हाईवे रोकने पहुंचे इन ग्रामीणों ने धरना देकर अमरगढ़ पुलिस और अकाली दल के सरपंच के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान मौजूद गांव मनवी के किसान हरजिंदर सिंह ने बताया कि उसका बेटा धर्मेंद्र सिंह और पुत्रवधू दिव्यांग हैं। हरजिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि करीब दो महीने पहले गांव के कुछ जागीरदार परिवारों के साथ उनके बेटे की कहासुनी हो गई और गांव के अकाली सरपंच गुरमेल सिंह के इशारे पर उसके बेटे पर तेजाब फेंक दिया गया था। सरपंच के कहने पर उसके बेटे पर ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया और दबाव बनने पर पुलिस ने सरपंच समर्थकों पर भी क्रास मामला दर्ज कर लिया गया। हरजिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि सरपंच ने राजनीतिक दबाव में अपने समर्थकों पर दर्ज मामला रद्द करवा लिया पर उनका बेटा पुलिस थाने के चक्कर काटता रहा।
इस दौरान कुछ दिनों से आरोप मुक्त हुए ये लोग और सरपंच उनके बेटे को गांव में अपमानित करने पर लगे थे जिससे परेशान होकर धर्मेंद्र ने नहर में छलांग लगा दी। शुक्रवार सुबह जब शव बरामद हुआ तो उस पर चोट के निशान देखकर ग्रामीणों ने इसे हत्या का मामला बताकर मालेरकोटला में जरग बाईपास पर शव रखकर धरना दिया। उधर, डीएसपी अमरगढ़ गुरमीत सिंह ने बताया कि मामले में सरपंच गुरमेल सिंह, संतोख सिंह, इकबाल सिंह और वरिंद सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का पर्चा दर्ज कर लिया है। पिछले दो महीनों में इस मामले में जो भी कार्रवाई हुई है वह कानून के अनुसार ही हुई है। आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करेगी।