इंश्योरेंस क्लेम का पैसा लेने के लिए कार मालिक वरुण जैन ने अपने दोस्त के साथ मिलकर कार स्नैचिंग का ड्रामा किया था। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है।
पुलिस ने कार मालिक वरुण जैन व उसके दोस्त को गिरफ्तार करके उनकी निशानदेही पर कार भी बरामद कर ली है।
एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि दशमेश नगर के रहने वाले दुकानदार वरुण जैन ने अपने दोस्त हरजीत सिंह उर्फ बिल्लू निवासी दीप नगर पटियाला के साथ मिलकर कार पहले ही जसपाल सिंह के घर दीप नगर में खड़ी कर दी थी।
जसपाल सिंह को आरोपी वरुण जैन ने कहा कि उनके घर में रिपेयर का काम चल रहा है। वह कुछ दिन कार अपने घर में खड़ी कर ले। बाद में कार छीनने का नाटक करके त्रिपड़ी थाने में झूठा केस दर्ज करवा दिया।
आरोपियों ने यह नाटक कार के इंश्योरेंस क्लेम का पैसा लेने के लिए किया था। कार को मेरठ की कबाड़ी मार्केट में बेचने की योजना बनाई गई थी।
आरोपी वरुण जैन व उसके दोस्त के खिलाफ पुलिस ने त्रिपड़ी थाने में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कार भी बरामद कर ली है।
30 जनवरी को पुलिस को सूचना मिली कि दशमेश नगर के रहने वाले वरुण जैन सुबह करीब सवा पांच बजे अपनी इंडिगो कार में गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए निकले। घर से कुछ आगे आगे वाले शीशे पर कोई तरल पदार्थ गिरा। वह देखने के लिए नीचे उतरे तो चार नकाबपोशों ने उसे घेर लिया।
एक ने उसके कान पर थप्पड़ मारा। इतने में बाकी नकाबपोशों ने उसे कार की पिछली सीट पर फेंक दिया। इनमें से एक नकाबपोश ने पीठ पर बैग लादा हुआ था। उसने वरुण जैन के कान पर पिस्तौल लगा दी और दो ने अपने हाथों से उसका मुंह बंद कर दिया। एक आरोपी उसकी कार चलाने लगा।
बाद में आरोपी उसे सरहंद रोड पर सनराइज होटल के पास बेहोशी की हालत में फेंककर कार लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने पीड़ित वरुण जैन के बयान पर अज्ञात नकाबपोशों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।