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विजिलेंस टीम की रेड

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विजिलेंस टीम का इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर पर छापा
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सेवा सिंह ठीकरी वाला नगर में बनने वाले फ्लैटों के रिकॉर्ड को कब्जे में लिया
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। लोकल बॉडीज विभाग की विजिलेंस टीम ने सोमवार को अचानक इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर में छापा मारा। इस दौरान टीम ने स्थानीय सेवा सिंह ठीकरी वाला नगर में बनने वाले एलआईजी फ्लैटों से संबंधित रिकॉर्ड को कब्जे में लिया। इन एलआईजी फ्लैटों के निर्माण का कार्य 2016 में शुरू हुआ था। इससेे पहले ही ठेकेदार को पेमेंट कर दी गई थी। वहीं निर्माण का काम बाद में बंद हो गया था। इस वजह से यह मामला तूल पकड़ गया।
सोमवार को विजिलेंस टीम की अगुवाई लोकल बाडीज विभाग के चीफ विजिलेंस अफसर संदीप मलिक कर रहे थे। इस संबंध में टीम के किसी भी अधिकारी ने चुुप्पी नहीं तोड़ी, मीडिया से बातचीत नहीं की। इस बारे में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ईओ राजकुमार भाटिया ने कहा कि विजिलेंस टीम आई थी। उन्होंने कुछ रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले जब स्थानीय सेवा सिंह ठीकरी वाला नगर में फ्लैटों का काम शुरू होना था, तो संबंधित ठेकेदार को कुछ पेमेंट एडवांस दी गई थी। इससे वह कुछ मैटीरियल खरीद कर लाया था। इसके बाद यह काम भी बंद हो गया और पेमेंट भी वापस नहीं आई। उन्होंने कहा कि अब यह मामला विजिलेंस विभाग के पास चला गया है। अगली कार्रवाई वह खुद करेंगे।
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इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने 2016 में एसएसटी नगर में कुछ एलआईजी फ्लैट बनाने का फैसला किया था। इसके लिए ट्रस्ट ने संबंधित ठेकेदार को करीब 50 लाख एडवांस पेमेंट की थी। इससे ठेकेदार ने कुछ काम तो कर दिया, जबकि बाकी काम रोक दिया। इसके बाद प्रापर्टी के बिजनेस में मंदी आ गई, जिससे फ्लैटों का काम पूरी तरह से बंद हो गया। हैरानी की बात यह रही कि संबंधित ठेकेदार को की गई पेमेंट भी वापस नहीं ली गई। आज तक यह पेमेंट ठेकेदार से वापस नहीं ली गई। विजिलेंस की टीम ने सोमवार को इन फ्लैटों वाली जगह का भी दौरा किया। इसके बाद यह टीम ट्रांसपोर्ट नगर और यादविंदरा नगर भी गई। यहां टीम ने दौरा करने के बाद संबंधित रिकार्ड खंगाला और जरूरी कागजात कब्जे में ले लिए। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर पहुंचे लोकल बॉडीज विभाग के चीफ विजिलेंस अधिकारी संदीप मलिक से मीडिया ने बात करना चाही, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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