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गैंगस्टर और उसके साथी को विदेश से मिलता था फंड
स्टूडेंट्स के भेष में पीयू के नजदीक पीजी में रह रहे थे, वारदात के बाद विदेश भागने की थी तैयारी
पिछले एक हफ्ते से थे सीएम सिटी में, जुर्म के बाद गिरफ्तारी से बचने को भाग जाता था विदेश
जांच की जाएगी कि पुलिस क्लीयरेंस किस तरह से होती थी
रिंपी गुप्ता
पटियाला। दोआबा क्षेत्र में सरगर्म भगोड़ा गैंगस्टर मनकीरत सिंह उर्फ मनी व उसका साथी दलजीत सिंह डली सीएम के होम टाउन में स्टूडेंट्स के भेष में पंजाबी यूनिवर्सिटी के नजदीक एक कालोनी में किसी पीजी में रह रहे थे। दोनों एक हफ्ते से पटियाला में थे। साथ ही फरार चले रहे साथियों के साथ संपर्क में थे। जिनके साथ मिलकर इन्होंने पटियाला में वारदात को अंजाम देना था। मौका मिलने पर गैंगस्टर मनकीरत सिंह विदेश फरार होने की तैयारी में था। यह खुलासा दोनों आरोपियों से हुई प्राथमिक पूछताछ में हुआ है।
दोनों के परिवार वाले कनाडा में रहते हैं और ये पैसा भी विदेश से ही मंगाते थे। जुर्म करने के बाद गैंगस्टर मनी गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भाग जाता था। अब तक एक बार मनी मलेशिया और तीन बार दुबई जा चुका है। जिसमें सबसे पहले वह जुलाई 2016 में मलेशिया गया। 28 अक्तूबर 2016 से 14 जुलाई 2017 तक दुबई रहा। इसके बाद फिर 1 अगस्त 2017 से 24 अगस्त 2017 तक दुबई में रहा और फिर तीन नवंबर 2017 से 19 अक्तूबर 2018 तक दुबई रहा। 2018 में मनी का वीजा खत्म होने के बाद ही अक्तूबर 2018 में दुबई से भारत आ गया था। पुलिस के मुताबिक इस संबंध में जांच की जाएगी कि इसकी पुलिस क्लीयरेंस किस तरह से होती थी।
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जानकारी के मुताबिक दलजीत सिंह डली व मनकीरत सिंह मनी स्कूल के सहपाठी हैं। डली कबड्डी का खिलाड़ी रहा है। डली भी जनवरी 2018 से भगोड़ा चला आ रहा है। दोनों अन्य साथियों के साथ मिलकर नकोदर, फगवाड़ा और लोहिया में वारदात कर चुके हैं। दलजीत सिंह डली 2012 में अमेरिका जा रहा था, जिसे मसकट के बॉर्डर पर पुलिस ने पकड़ा था, जहां से उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया।
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एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने फिर से पटियाला के लोगों को अपना पीजी या फिर अपना घर किराये पर देने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन कराने को कहा है। सूचना न देने वालों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।
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